{"_id":"ffb0eb85da3c510a20191a64f8d3ac94","slug":"villagers-against-vine-shop-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जयदेवी में ठेका खोलने पर रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयदेवी में ठेका खोलने पर रोष
ब्यूरो/अमर उजाला, सुंदरनगर (मंडी)
Updated Mon, 01 Jun 2015 07:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उपमंडल सुंदरनगर के जयदेवी गांव में शराब का ठेका खोलने पर ग्रामीण भड़क उठे हैं। ग्रामीणों ने यहां पर ठेका खोलने का विरोध किया है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को तहसीलदार सुंदरनगर वेदप्रकाश से मिला। इस मौके पर उन्होंने उनके माध्यम से एसडीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि यह ठेका राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जयदैवी के पास खोला गया है। इसके साथ ही सत्संग भवन भी है।
यही नहीं कमाक्षा माता, मूल मांहुनाग, देव बाला टिका मंदिर तथा चामुंडा मंदिर भी इस स्थान पर ही स्थित है। ऐसे में यहां ठेका खोलना उचित नहीं है। पंचायत के पूर्व प्रधान मंगत राम कौशल, ग्रामीण संत राम, ज्ञान सिंह, खेम राज, चंदा, बिट्टू, केवल, हिमा देवी, गुरबंती, तिलक राज, सत्या देवी, हंसा देवी, प्रकाश, विजय, लीला देवी, चमन लाल, पार्वती देवी, निर्मला, पुष्पा, गीता देवी, बिंदू, पवन कुमार और रूप लाल ने बताया कि वर्ष 1986 में भी यहां पर खोले गए शराब के ठेके को ग्रामीणों के विरोध के चलते उपमंडल अधिकारी ने बंद करने के आदेश दिए थे। इसके चलते यहां ठेका बंद किया गया था। अब फिर से करीब 30 साल के बाद यहां पर ठेका खोला गया है।
शराब का ठेका खुलने से यहां का वातावरण खराब हो जाएगा। इसके अलावा युवा पीढ़ी पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस ठेके को बंद करवाया जाए। अन्यथा ग्रामीण इसके विरोध में सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। उधर, तहसीलदार वेद प्रकाश ने उनकी मांग को उपमंडल अधिकारी नागरिक सुंदरनगर के समक्ष रख उचित कार्रवाई अमल में लाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यही नहीं कमाक्षा माता, मूल मांहुनाग, देव बाला टिका मंदिर तथा चामुंडा मंदिर भी इस स्थान पर ही स्थित है। ऐसे में यहां ठेका खोलना उचित नहीं है। पंचायत के पूर्व प्रधान मंगत राम कौशल, ग्रामीण संत राम, ज्ञान सिंह, खेम राज, चंदा, बिट्टू, केवल, हिमा देवी, गुरबंती, तिलक राज, सत्या देवी, हंसा देवी, प्रकाश, विजय, लीला देवी, चमन लाल, पार्वती देवी, निर्मला, पुष्पा, गीता देवी, बिंदू, पवन कुमार और रूप लाल ने बताया कि वर्ष 1986 में भी यहां पर खोले गए शराब के ठेके को ग्रामीणों के विरोध के चलते उपमंडल अधिकारी ने बंद करने के आदेश दिए थे। इसके चलते यहां ठेका बंद किया गया था। अब फिर से करीब 30 साल के बाद यहां पर ठेका खोला गया है।
विज्ञापन
शराब का ठेका खुलने से यहां का वातावरण खराब हो जाएगा। इसके अलावा युवा पीढ़ी पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस ठेके को बंद करवाया जाए। अन्यथा ग्रामीण इसके विरोध में सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। उधर, तहसीलदार वेद प्रकाश ने उनकी मांग को उपमंडल अधिकारी नागरिक सुंदरनगर के समक्ष रख उचित कार्रवाई अमल में लाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन