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Mandi News: बेमौसमी बारिश और ठंड से शिकारी देवी और कमरूनाग में पर्यटन सीजन प्रभावित
Wed, 07 May 2025 11:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 07 May 2025 11:55 PM IST
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देव कमरूनाग की पवित्र झील। संवाद
गोहर (मंडी)। मंडी जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शिकारी देवी और बड़ा देव कमरूनाग में इस बार मई माह के पहले सप्ताह तक भी पर्यटन सीजन की रफ्तार नहीं पकड़ पाया। बेमौसमी बारिश और ठंड के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है, जिससे स्थानीय कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
अप्रैल से मई के पहले सप्ताह तक दोनों स्थलों पर पर्यटकों का आमतौर पर अच्छी आवाजाही होती है, लेकिन इस बार मौसम ने रफ्तार को प्रभावित किया है। शिकारी देवी में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और कमरूनाग में अभी भी बर्फीली हवाएं चल रही हैं। इसके कारण ट्रैकिंग और यात्रा पर असर पड़ा है। शिकारी देवी और कमरूनाग के आसपास बने गेस्ट हाउस और होम स्टे खाली पड़े हैं।
स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि मई और जून का सीजन उनके लिए कमाई का मुख्य समय होता है। अगर यह प्रभावित हुआ तो उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले सप्ताह बारिश में कमी और तापमान में सुधार की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो पर्यटन गतिविधियां रफ्तार पकड़ सकती हैं।
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मौसम खराब रहा तो कारोबार का होगा नुकसान
जंजैहली के होम स्टे संचालक प्रकाश ठाकुर ने कहा कि हर साल मई में यहां अच्छा कारोबार हो जाता था, लेकिन इस बार होटल और दुकान दोनों खाली हैं। अगर मौसम जल्द नहीं सुधरा तो नुकसान और बढ़ेगा। वहीं, बड़ा देव कमरूनाग के गूर देवी सिंह कहते हैं कि मंदिर तो खुले हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की आवाजाही में पहले की तुलना में कमी देखी जा रही है। मौसम खुलने के बाद कमरुनाग मंदिर में रौनक आने की उम्मीद है। शिमला से जंजैहली पहुंचे पर्यटक संदीप शर्मा ने कहा कि हम बच्चों के साथ ट्रैक पर निकलने ही वाले थे, लेकिन रास्ते अभी फिसलन भरे हैं। जिस होटल में कमरे बुक किए थे उसके मालिक की सलाह पर आगे नहीं बढ़े।
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अप्रैल से मई के पहले सप्ताह तक दोनों स्थलों पर पर्यटकों का आमतौर पर अच्छी आवाजाही होती है, लेकिन इस बार मौसम ने रफ्तार को प्रभावित किया है। शिकारी देवी में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और कमरूनाग में अभी भी बर्फीली हवाएं चल रही हैं। इसके कारण ट्रैकिंग और यात्रा पर असर पड़ा है। शिकारी देवी और कमरूनाग के आसपास बने गेस्ट हाउस और होम स्टे खाली पड़े हैं।
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स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि मई और जून का सीजन उनके लिए कमाई का मुख्य समय होता है। अगर यह प्रभावित हुआ तो उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले सप्ताह बारिश में कमी और तापमान में सुधार की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो पर्यटन गतिविधियां रफ्तार पकड़ सकती हैं।
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मौसम खराब रहा तो कारोबार का होगा नुकसान
जंजैहली के होम स्टे संचालक प्रकाश ठाकुर ने कहा कि हर साल मई में यहां अच्छा कारोबार हो जाता था, लेकिन इस बार होटल और दुकान दोनों खाली हैं। अगर मौसम जल्द नहीं सुधरा तो नुकसान और बढ़ेगा। वहीं, बड़ा देव कमरूनाग के गूर देवी सिंह कहते हैं कि मंदिर तो खुले हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की आवाजाही में पहले की तुलना में कमी देखी जा रही है। मौसम खुलने के बाद कमरुनाग मंदिर में रौनक आने की उम्मीद है। शिमला से जंजैहली पहुंचे पर्यटक संदीप शर्मा ने कहा कि हम बच्चों के साथ ट्रैक पर निकलने ही वाले थे, लेकिन रास्ते अभी फिसलन भरे हैं। जिस होटल में कमरे बुक किए थे उसके मालिक की सलाह पर आगे नहीं बढ़े।
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देव कमरूनाग की पवित्र झील। संवाद