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Mandi News: पीली हल्दी से चमकेगी किसानों की किस्मत, गाढ़ी होगी कमाई
Wed, 07 May 2025 11:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 07 May 2025 11:54 PM IST
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धर्मपुर के डिडणु गांव में जोरों पर हो रही हल्दी की खेती। स्रोत संगठन
धर्मपुर (मंडी)। धर्मपुर विकास खंड को हल्दी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एफपीओ ने ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। इस क्रम में रियूर पंचायत का डिडणु ‘हल्दी गांव’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यहां अब डेढ़ दर्जन से अधिक किसान हल्दी की खेती की ओर अग्रसर हो चुके हैं। पिछले वर्ष डिडणु गांव के किसान कश्मीर सिंह ने एफपीओ की सहायता से ज्वालाजी निवासी कर्नल पिसी राणा के फार्म से आठ किलो हल्दी बीज लेकर प्रयोग किया और 110 किलो तक की पैदावार प्राप्त की। इस उल्लेखनीय सफलता से प्रेरणा लेते हुए अब गांव के अन्य किसानों ने भी हल्दी खेती का रुख किया है। इस बार उन्हें एफपीओ द्वारा डेढ़ क्विंटल बीज उपलब्ध करवाया गया है, जिसकी बिजाई शुरू हो चुकी है।
रविवार को एफपीओ सचिव भूपेंद्र सिंह व बरोटी कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी राम की उपस्थिति में डिडणु गांव में किसानों की बैठक हुई, जिसमें करीब 25 किसानों ने एफपीओ की सदस्यता ली। सचिव भूपेंद्र सिंह ने बताया कि एफपीओ ने भराड़ी में हल्दी पाउडर निर्माण के लिए लघु उद्योग स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को भेजा है।
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एफपीओ सचिव ने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा प्राकृतिक विधि से उगाई गई हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रुपये प्रति किलो तय किया गया है, जिससे किसानों को सीधे लाभ होगा। इसके अतिरिक्त एफपीओ हल्दी पाउडर के साथ-साथ अचार, मुरब्बा और अन्य खाद्य उत्पाद भी तैयार करेगा, जिसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एफपीओ को 9 से 18 मई तक जयपुर में आयोजित होने वाले स्पाईस मेले में भाग लेने के लिए भी चयनित किया गया है। साथ ही 12 मई को आंबेडकर भवन सजाओपिपलू में एफपीओ की आम सभा (जनरल हाउस) आयोजित की जाएगी, जिसमें धर्मपुर को औपचारिक रूप से हल्दी ब्लॉक घोषित करने की रूपरेखा तय की जाएगी।
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यहां अब डेढ़ दर्जन से अधिक किसान हल्दी की खेती की ओर अग्रसर हो चुके हैं। पिछले वर्ष डिडणु गांव के किसान कश्मीर सिंह ने एफपीओ की सहायता से ज्वालाजी निवासी कर्नल पिसी राणा के फार्म से आठ किलो हल्दी बीज लेकर प्रयोग किया और 110 किलो तक की पैदावार प्राप्त की। इस उल्लेखनीय सफलता से प्रेरणा लेते हुए अब गांव के अन्य किसानों ने भी हल्दी खेती का रुख किया है। इस बार उन्हें एफपीओ द्वारा डेढ़ क्विंटल बीज उपलब्ध करवाया गया है, जिसकी बिजाई शुरू हो चुकी है।
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रविवार को एफपीओ सचिव भूपेंद्र सिंह व बरोटी कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी राम की उपस्थिति में डिडणु गांव में किसानों की बैठक हुई, जिसमें करीब 25 किसानों ने एफपीओ की सदस्यता ली। सचिव भूपेंद्र सिंह ने बताया कि एफपीओ ने भराड़ी में हल्दी पाउडर निर्माण के लिए लघु उद्योग स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को भेजा है।
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एफपीओ सचिव ने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा प्राकृतिक विधि से उगाई गई हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रुपये प्रति किलो तय किया गया है, जिससे किसानों को सीधे लाभ होगा। इसके अतिरिक्त एफपीओ हल्दी पाउडर के साथ-साथ अचार, मुरब्बा और अन्य खाद्य उत्पाद भी तैयार करेगा, जिसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एफपीओ को 9 से 18 मई तक जयपुर में आयोजित होने वाले स्पाईस मेले में भाग लेने के लिए भी चयनित किया गया है। साथ ही 12 मई को आंबेडकर भवन सजाओपिपलू में एफपीओ की आम सभा (जनरल हाउस) आयोजित की जाएगी, जिसमें धर्मपुर को औपचारिक रूप से हल्दी ब्लॉक घोषित करने की रूपरेखा तय की जाएगी।