{"_id":"68d43a813107d61a94095703","slug":"transmission-tower-in-chaleli-village-threatened-villagers-panicked-mandi-news-c-90-1-ssml1045-170906-2025-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: चलेली गांव में ट्रांसमिशन टावर को खतरा, ग्रामीणों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: चलेली गांव में ट्रांसमिशन टावर को खतरा, ग्रामीणों में दहशत
Thu, 25 Sep 2025 12:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 25 Sep 2025 12:47 AM IST
विज्ञापन
नगवाईं (मंडी)। जिले की ग्राम पंचायत नाऊ के चलेली गांव में ग्रामीणों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। पार्वती कोल डैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के टावर नंबर 41, 42 और 50 गिरने की कगार पर हैं, इससे पूरा गांव दहशत में है। ये टावर भारी बारिश के कारण भूस्खलन की वजह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे सूरजमणि, बंसीलाल, नरेश कुमार, पदम देव, घनश्याम और जोध सिंह व अन्य कई परिवारों के घर और गोशालाएं खतरे में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि टावरों के क्षतिग्रस्त होने से न केवल उनके घर और गोशालाएं खतरे में हैं बल्कि सेब के बगीचे भी प्रभावित हो रहे हैं। वे अपनी घास की कटाई भी नहीं कर पा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि स्कूल जाने वाले बच्चों और आम लोगों का पैदल रास्ता भी इन्हीं टावरों के पास से गुजरता है, जिससे उनकी सुरक्षा भी जोखिम में है। उन्होंने इस बारे में 1100 नंबर पर कॉल करके शिकायत की है। प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित किया था लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस मामले पर पार्वती कोल डैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लाइन मैनेजर सुशील कुमार ने स्वीकार किया कि टावर नंबर 41, 42 और 50 खतरे में हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण टावर के आसपास की जमीन धंस गई है। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को उनके घर खाली करने की सलाह दी गई है और आसपास के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई है। पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए कंपनी ने दो व्यक्ति भी तैनात किए हैं । उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कोई बड़ा तकनीकी फाल्ट नहीं आता, तब तक ट्रांसमिशन लाइन चालू रहेगी।
विज्ञापन
इस बाबत उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने जिला मंडी के औट तहसील के गांव ब्यानी, स्वारी, रांघड़, लाजुनी और नाऊ के प्रभावित क्षेत्रों में और उसके आसपास, पार्वती कोलडैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के टावर संख्या 41, 42 और 50 के निकट अगले आदेश तक आम जनता, वाहनों और पशुओं की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने पार्वती कोलडैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड् और संबंधित विद्युत पारेषण प्राधिकरण संवेदनशील टावरों और पारेषण लाइन को स्थिर करने के लिए तुरंत सभी आवश्यक उपचारात्मक और उचित सुरक्षा उपाय करने के आदेश जारी किए हैंं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि टावरों के क्षतिग्रस्त होने से न केवल उनके घर और गोशालाएं खतरे में हैं बल्कि सेब के बगीचे भी प्रभावित हो रहे हैं। वे अपनी घास की कटाई भी नहीं कर पा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि स्कूल जाने वाले बच्चों और आम लोगों का पैदल रास्ता भी इन्हीं टावरों के पास से गुजरता है, जिससे उनकी सुरक्षा भी जोखिम में है। उन्होंने इस बारे में 1100 नंबर पर कॉल करके शिकायत की है। प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित किया था लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विज्ञापन
इस मामले पर पार्वती कोल डैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लाइन मैनेजर सुशील कुमार ने स्वीकार किया कि टावर नंबर 41, 42 और 50 खतरे में हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण टावर के आसपास की जमीन धंस गई है। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को उनके घर खाली करने की सलाह दी गई है और आसपास के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई है। पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए कंपनी ने दो व्यक्ति भी तैनात किए हैं । उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कोई बड़ा तकनीकी फाल्ट नहीं आता, तब तक ट्रांसमिशन लाइन चालू रहेगी।
विज्ञापन
इस बाबत उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने जिला मंडी के औट तहसील के गांव ब्यानी, स्वारी, रांघड़, लाजुनी और नाऊ के प्रभावित क्षेत्रों में और उसके आसपास, पार्वती कोलडैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के टावर संख्या 41, 42 और 50 के निकट अगले आदेश तक आम जनता, वाहनों और पशुओं की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने पार्वती कोलडैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड् और संबंधित विद्युत पारेषण प्राधिकरण संवेदनशील टावरों और पारेषण लाइन को स्थिर करने के लिए तुरंत सभी आवश्यक उपचारात्मक और उचित सुरक्षा उपाय करने के आदेश जारी किए हैंं।