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मंडी में दो एनएच समेत 40 सड़कों में यातायात अवरुद्ध
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चंडीगढ़-मंडी-मनाली हाईवे पर हणोगी के पास पत्थर गिरने से बंद एनएच।
- फोटो : Mandi
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मंडी। जिला मंडी में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। मंडी-कुल्लू एनएच हणोगी और पठानकोट-मंडी एनएच उरला के समीप घरेहड़ में मलबा आने से बाधित रहे। बजौरा-कटौला मार्ग भी भूस्खलन के कारण बुधवार को दिनभर रुक-रुक कर प्रभावित होता रहा।
एनएच समेत मंडी जिले में चालीस मार्ग प्रभावित रहे। सुबह आठ बजे से दस बजे तक मंडी से कुल्लू का संपर्क कटा रहा। लाहौल में बादल फटने से प्रभावित लोगों की मदद के लिए जा रही एनडीआरएफ की टीम भी दो घंटे फंसी रही। आठ बजे से बंद मार्ग को दस बजे बहाल किया जा सका।
चौहारघाटी के बरोट मार्ग पर भी भूस्खलन के कारण दिन भर यातायात बंद है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग भूखे प्यासे वाहनों में ही फंसे रहे। बिजली के 83 ट्रांसफार्मर बंद रहने से कई गांवों में बिजली आपूर्ति बंद है। गाद आने और बिजली न होने से कई स्थानों पर पानी की पंपिंग नहीं हो सकी। इससे पेयजल सप्लाई प्रभावित हुई।
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करसोग में 21, जोगिंद्रनगर में 34 और बालीचौकी में 28 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। बीते 24 घंटों में दस करोड़ से अधिक का नुकसान आंका गया है। उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने कहा कि कुल्लू हाईवे भूस्खलन के कारण प्रभावित रहा। लाहौल में बचाव कार्य के लिए जा रहा एनडीआरएफ का काफिला भी फंस गया। बंद मार्गों को खोलने और बिजली-पानी की सेवाओं को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
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जिले में इन सड़कों पर प्रभावित रही आवाजाही
पधर-बल्ह, उरला-चुक्कू-खजरी, पधर-नौहली, मोनाल-थनोगी-बनोगी-कांडा, घटासनी-झटिंगरी-बरोट, बरोट-म्योट, पंडोह-शिवा, बांधी-कांढा, हणोगी-बांधी, मदनन का गढ़-समराहन, थाची-डिडर, छतरी-मगरूगला, केलोधार-छतरी, छतरी-जंजैहली वाया लस्सी, सेरी-झाकर-काकड़ाधार, गाड़ागुशैणी-चेंच-पोखरी, बिल्लागढ़-मगरूगला वाया गागन-जनेहड़ थैंसर, मेहच-देयारी, खौली-रेशन, रणाबाग-बिहनी-सेरी, टिपरी-भजौनी-चौग, बटवान-पेंदापानी-निहारी, तपनाली-खौली, छतिन-थाची-गाड़ागुशैनी-बगड़ा-छतरी, पागलधार-रामपुर, तपनाली-घाट, नागन-छतरी, छतरी-गाड़ागुशैनी, शाना-माना, कैंचीमोड़-मशोक, बह-सराही, गोभड़ता-कलास मार्ग बंद है।
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हणोगी में दबी फोरलेन निर्माण की मशीनरी
मूसलाधार बारिश से मंडी-मनाली एनएच पर हणोगी के पास मलबा आ गया। फोरलेन निर्माण में लगी लाखों की मशीनरी दब गई है। मौसम के तेवर देखते हुए साइट को खाली कर दिया गया था। सड़क की कटिंग का काम भी बंद कर दिया था। दवाड़ा में ब्यास का पानी एनएच तक पहुंच गया था। इस दौरान वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रही।
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पंडोह और लारजी डैम से छोड़ा पानी
ब्यास और पार्वती नदियां उफान पर हैं। पंडोह और लारजी के गेट खोल दिए गए। ब्यास किनारे न जाने की हिदायत जारी की गई है। मंडी में ब्यास और सुकेती उफान पर रहीं। ब्यास किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सूचना भी प्रशासन ने जारी की है।
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एनएच समेत मंडी जिले में चालीस मार्ग प्रभावित रहे। सुबह आठ बजे से दस बजे तक मंडी से कुल्लू का संपर्क कटा रहा। लाहौल में बादल फटने से प्रभावित लोगों की मदद के लिए जा रही एनडीआरएफ की टीम भी दो घंटे फंसी रही। आठ बजे से बंद मार्ग को दस बजे बहाल किया जा सका।
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चौहारघाटी के बरोट मार्ग पर भी भूस्खलन के कारण दिन भर यातायात बंद है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग भूखे प्यासे वाहनों में ही फंसे रहे। बिजली के 83 ट्रांसफार्मर बंद रहने से कई गांवों में बिजली आपूर्ति बंद है। गाद आने और बिजली न होने से कई स्थानों पर पानी की पंपिंग नहीं हो सकी। इससे पेयजल सप्लाई प्रभावित हुई।
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करसोग में 21, जोगिंद्रनगर में 34 और बालीचौकी में 28 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। बीते 24 घंटों में दस करोड़ से अधिक का नुकसान आंका गया है। उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने कहा कि कुल्लू हाईवे भूस्खलन के कारण प्रभावित रहा। लाहौल में बचाव कार्य के लिए जा रहा एनडीआरएफ का काफिला भी फंस गया। बंद मार्गों को खोलने और बिजली-पानी की सेवाओं को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
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जिले में इन सड़कों पर प्रभावित रही आवाजाही
पधर-बल्ह, उरला-चुक्कू-खजरी, पधर-नौहली, मोनाल-थनोगी-बनोगी-कांडा, घटासनी-झटिंगरी-बरोट, बरोट-म्योट, पंडोह-शिवा, बांधी-कांढा, हणोगी-बांधी, मदनन का गढ़-समराहन, थाची-डिडर, छतरी-मगरूगला, केलोधार-छतरी, छतरी-जंजैहली वाया लस्सी, सेरी-झाकर-काकड़ाधार, गाड़ागुशैणी-चेंच-पोखरी, बिल्लागढ़-मगरूगला वाया गागन-जनेहड़ थैंसर, मेहच-देयारी, खौली-रेशन, रणाबाग-बिहनी-सेरी, टिपरी-भजौनी-चौग, बटवान-पेंदापानी-निहारी, तपनाली-खौली, छतिन-थाची-गाड़ागुशैनी-बगड़ा-छतरी, पागलधार-रामपुर, तपनाली-घाट, नागन-छतरी, छतरी-गाड़ागुशैनी, शाना-माना, कैंचीमोड़-मशोक, बह-सराही, गोभड़ता-कलास मार्ग बंद है।
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हणोगी में दबी फोरलेन निर्माण की मशीनरी
मूसलाधार बारिश से मंडी-मनाली एनएच पर हणोगी के पास मलबा आ गया। फोरलेन निर्माण में लगी लाखों की मशीनरी दब गई है। मौसम के तेवर देखते हुए साइट को खाली कर दिया गया था। सड़क की कटिंग का काम भी बंद कर दिया था। दवाड़ा में ब्यास का पानी एनएच तक पहुंच गया था। इस दौरान वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रही।
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पंडोह और लारजी डैम से छोड़ा पानी
ब्यास और पार्वती नदियां उफान पर हैं। पंडोह और लारजी के गेट खोल दिए गए। ब्यास किनारे न जाने की हिदायत जारी की गई है। मंडी में ब्यास और सुकेती उफान पर रहीं। ब्यास किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सूचना भी प्रशासन ने जारी की है।
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