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Mandi News: क्षेत्रीय अस्पताल में नहीं हो रहे थायराइड के टेस्ट
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टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को जाना पड़ रहा क्रस्ना, मेडिकल कॉलेज नेरचौक व निजी लैब में
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी की लैब में स्थापित इम्यूनोएसे मशीन में खराबी आने से मरीजों को विटामिन-12, डी थ्री, थायराइड सहित अन्य टेस्ट सुविधा नहीं मिल रही है। मरीजों को क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। क्रस्ना लैब में इम्यूनोएसे मशीन न होने के चलते फार्मासिस्ट मरीजों के सैंपल लेकर उसे जांच के लिए श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेज रहे हैं। इसकी रिपोर्ट आने में दाे-तीन दिन लग रहे हैं। ऐसे में दूरदराज क्षेत्रों से आए मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
आवश्यक होने पर कुछ मरीज अस्पताल के बाहर निजी लैब और अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। सुहड़ा निवासी गुलजारी लाल गुज्जर, रेहड़धार से हुक्म चंद, नेला से राधा देवी, मीरा आदि ने बताया कि लैब में टेस्ट करवाने आए थे तो उन्हें मशीन खराब होने की बात कही गई। अब नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंच कर सुविधा लेनी पड़ेगी। अस्पताल की सामान्य लैब में रखी मशीन कुछ माह पूर्व ही स्थापित की गई है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाई है कि थायराइड मशीन को शीघ्र ठीक करवाया जाए। एमएस डॉ. दिनेश ठाकुर ने कहा कि अस्पताल की सामान्य लैब में रखी मशीन में आई खराबी को ठीक करवाने के लिए संबंधित कंपनी के इंजीनियर को सूचित कर दिया है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी की लैब में स्थापित इम्यूनोएसे मशीन में खराबी आने से मरीजों को विटामिन-12, डी थ्री, थायराइड सहित अन्य टेस्ट सुविधा नहीं मिल रही है। मरीजों को क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। क्रस्ना लैब में इम्यूनोएसे मशीन न होने के चलते फार्मासिस्ट मरीजों के सैंपल लेकर उसे जांच के लिए श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेज रहे हैं। इसकी रिपोर्ट आने में दाे-तीन दिन लग रहे हैं। ऐसे में दूरदराज क्षेत्रों से आए मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
आवश्यक होने पर कुछ मरीज अस्पताल के बाहर निजी लैब और अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। सुहड़ा निवासी गुलजारी लाल गुज्जर, रेहड़धार से हुक्म चंद, नेला से राधा देवी, मीरा आदि ने बताया कि लैब में टेस्ट करवाने आए थे तो उन्हें मशीन खराब होने की बात कही गई। अब नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंच कर सुविधा लेनी पड़ेगी। अस्पताल की सामान्य लैब में रखी मशीन कुछ माह पूर्व ही स्थापित की गई है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाई है कि थायराइड मशीन को शीघ्र ठीक करवाया जाए। एमएस डॉ. दिनेश ठाकुर ने कहा कि अस्पताल की सामान्य लैब में रखी मशीन में आई खराबी को ठीक करवाने के लिए संबंधित कंपनी के इंजीनियर को सूचित कर दिया है। संवाद
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