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Mandi News: धान की कटाई के बीच बारिश ने बढ़ाईं किसानों की मुश्किलें
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जिले में 19,000 हेक्टेयर में लहलहा रही धान की फसल पर संकट
असमय बारिश और तेज हवाओं से पकी फसल झड़ने का बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला में धान की कटाई के बीच रविवार को मौसम बिगड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर करीब 12 बजे बारिश शुरू हो गई। बारिश और ठंडी हवाओं से खेतों में खड़ी तथा कटाई के बाद सुखाने के लिए रखी धान की फसल को नुकसान की आशंका है। तेज हवा और बारिश से पके दाने झड़कर जमीन पर गिर सकते हैं। जिला में करीब 19,600 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है। कृषक चंद्रमणी, भागमल, साउणू राम, नेत्र सिंह और अमित भारद्वाज ने बताया कि कटाई के बाद धान को 2 से 3 दिन धूप में सुखाना जरूरी है, लेकिन बारिश से फसल गीली होने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने पर धान के दानों में अंकुरण हो सकता है, जिससे गुणवत्ता और बाजार मूल्य प्रभावित होंगे। ऐसे में किसान फसल को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
बॉक्स
कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें किसान
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए किसान कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर तिरपाल से ढकें। बारिश के दौरान कटाई रोकें और जलभराव से बचने के लिए उचित निकासी व्यवस्था करें। -डॉ. रामचंद्र चौधरी, उपनिदेशक, कृषि विभाग मंडी
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असमय बारिश और तेज हवाओं से पकी फसल झड़ने का बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला में धान की कटाई के बीच रविवार को मौसम बिगड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर करीब 12 बजे बारिश शुरू हो गई। बारिश और ठंडी हवाओं से खेतों में खड़ी तथा कटाई के बाद सुखाने के लिए रखी धान की फसल को नुकसान की आशंका है। तेज हवा और बारिश से पके दाने झड़कर जमीन पर गिर सकते हैं। जिला में करीब 19,600 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है। कृषक चंद्रमणी, भागमल, साउणू राम, नेत्र सिंह और अमित भारद्वाज ने बताया कि कटाई के बाद धान को 2 से 3 दिन धूप में सुखाना जरूरी है, लेकिन बारिश से फसल गीली होने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने पर धान के दानों में अंकुरण हो सकता है, जिससे गुणवत्ता और बाजार मूल्य प्रभावित होंगे। ऐसे में किसान फसल को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
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कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें किसान
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए किसान कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर तिरपाल से ढकें। बारिश के दौरान कटाई रोकें और जलभराव से बचने के लिए उचित निकासी व्यवस्था करें। -डॉ. रामचंद्र चौधरी, उपनिदेशक, कृषि विभाग मंडी
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