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Mandi News: सराज आपदा में हजारों घर असुरक्षित, 6000 तिरपाल बांटे
Thu, 07 Aug 2025 05:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 07 Aug 2025 05:43 AM IST
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राहकोट स्कूल के राहत शिविर में थुनाड़ी गांव के लोग। संवाद
थुनाग (मंडी)। सराज में बाढ़ और भूस्खलन ने उपमंडल की 38 पंचायतों में भारी तबाही मचाई है। बगस्याड़, मुरहाग, थुनाग, रोड, रूशाड़ और बूंग रैलचौक में सैकड़ों घर जमींदोज हो चुके हैं और सैंकड़ों ही असुरक्षित हैं। प्रशासन के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक केवल 630 घर और गोशालाएं पूर्ण या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं लेकिन स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का दावा है कि हजारों घर और गोशालाएं असुरक्षित हो चुकी हैं। प्रशासन ने अब तक 6000 से अधिक तिरपाल वितरित किए हैं जो क्षतिग्रस्त मकानों, गोशालाओं और टपकती छतों को ढकने के लिए दिए गए हैं। तिरपाल वितरण की यह संख्या संकेत देती है कि असुरक्षित और क्षतिग्रस्त संरचनाओं की वास्तविक संख्या सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है।
सराज आपदा सुझाव मंच के संयोजक रजनीश शर्मा ने बताया कि असुरक्षित घरों की संख्या हजारों में है लेकिन प्रशासन के पास इसका कोई ठोस डाटा नहीं है। उन्होंने प्रशासन की सुस्ती पर सवाल उठाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, राजस्व पोर्टल के जरिये 800 से अधिक प्रभावितों को 3.5 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। हालांकि पटवारी असुरक्षित घरों की रिपोर्ट तैयार करने में ढिलाई बरत रहे हैं जबकि सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अधिवक्ता यादवेंद्र ठाकुर ने सुझाव दिया कि प्रभावित बीमा दावे करें और भविष्य में बाढ़-भूस्खलन से बचाव के लिए स्थायी उपाय अपनाएं।
असुरक्षित घरों का आकलन जारी है और यह संख्या बढ़ सकती है। नागरिक खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं। सरकार ने प्रभावितों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिसमें पांच प्रकार के नुकसान के लिए फॉर्म उपलब्ध हैं। आवेदन के साथ पटवारी, प्रधान, पुलिस की रिपोर्ट और फोटोग्राफ संलग्न करने होंगे। यह प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल पर लोक मित्र केंद्र या वकील के माध्यम से भी पूरी की जा सकती है।
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-रमेश कुमार, एसडीएम थुनाग
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सराज आपदा सुझाव मंच के संयोजक रजनीश शर्मा ने बताया कि असुरक्षित घरों की संख्या हजारों में है लेकिन प्रशासन के पास इसका कोई ठोस डाटा नहीं है। उन्होंने प्रशासन की सुस्ती पर सवाल उठाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, राजस्व पोर्टल के जरिये 800 से अधिक प्रभावितों को 3.5 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। हालांकि पटवारी असुरक्षित घरों की रिपोर्ट तैयार करने में ढिलाई बरत रहे हैं जबकि सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अधिवक्ता यादवेंद्र ठाकुर ने सुझाव दिया कि प्रभावित बीमा दावे करें और भविष्य में बाढ़-भूस्खलन से बचाव के लिए स्थायी उपाय अपनाएं।
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असुरक्षित घरों का आकलन जारी है और यह संख्या बढ़ सकती है। नागरिक खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं। सरकार ने प्रभावितों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिसमें पांच प्रकार के नुकसान के लिए फॉर्म उपलब्ध हैं। आवेदन के साथ पटवारी, प्रधान, पुलिस की रिपोर्ट और फोटोग्राफ संलग्न करने होंगे। यह प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल पर लोक मित्र केंद्र या वकील के माध्यम से भी पूरी की जा सकती है।
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-रमेश कुमार, एसडीएम थुनाग