{"_id":"688d013e4da1757f660e47d5","slug":"there-is-no-water-even-in-the-dialysis-center-treatment-is-going-on-with-the-help-of-tankers-mandi-news-c-90-1-ssml1025-164560-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: डायलिसिस केंद्र में भी पानी नहीं, टैंकरों के सहारे चल रहा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: डायलिसिस केंद्र में भी पानी नहीं, टैंकरों के सहारे चल रहा इलाज
Fri, 01 Aug 2025 11:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 01 Aug 2025 11:32 PM IST
विज्ञापन
मंडी। मंडी शहर में भारी बारिश के कारण उत्पन्न जल संकट अब अस्पतालों तक पहुंच गया है। क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में हंस फाउंडेशन के निशुल्क डायलिसिस केंद्र में किडनी रोगियों का इलाज टैंकरों से मंगवाए गए पानी के सहारे किया जा रहा है।
डायलिसिस केंद्र में नौ मशीनों से प्रतिदिन दो से तीन शिफ्ट में 18 से 30 मरीजों का इलाज होता है। एक मरीज के डायलिसिस में औसतन 120 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जिससे केंद्र में रोजाना करीब 5000 लीटर पानी की खपत होती है।
केंद्र के प्रबंधक अमरीश ने बताया कि मंडी शहर में आई आपदा के बाद पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। क्षेत्रीय अस्पताल को भी सामान्य सप्लाई नहीं मिल रही। केवल एमसीएच और कुछ अन्य विभागों को अस्थायी रूप से पानी दिया जा रहा है। ऐसे में फाउंडेशन मरीजों की सेवा को बनाए रखने के लिए निजी टैंकरों के माध्यम से पानी जुटा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डायलिसिस केंद्र में नौ मशीनों से प्रतिदिन दो से तीन शिफ्ट में 18 से 30 मरीजों का इलाज होता है। एक मरीज के डायलिसिस में औसतन 120 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जिससे केंद्र में रोजाना करीब 5000 लीटर पानी की खपत होती है।
विज्ञापन
केंद्र के प्रबंधक अमरीश ने बताया कि मंडी शहर में आई आपदा के बाद पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। क्षेत्रीय अस्पताल को भी सामान्य सप्लाई नहीं मिल रही। केवल एमसीएच और कुछ अन्य विभागों को अस्थायी रूप से पानी दिया जा रहा है। ऐसे में फाउंडेशन मरीजों की सेवा को बनाए रखने के लिए निजी टैंकरों के माध्यम से पानी जुटा रहा है।
विज्ञापन