{"_id":"6511c2238a8c8a29f2094128","slug":"there-is-no-responsibility-from-the-organization-i-am-available-for-the-public-ashray-sharma-mandi-news-c-90-1-ssml1045-9407-2023-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"संगठन की ओर से काेई दायित्व नहीं, जनता के लिए हूं उपलब्ध :आश्रय शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संगठन की ओर से काेई दायित्व नहीं, जनता के लिए हूं उपलब्ध :आश्रय शर्मा
विज्ञापन
मंडी में आश्रय शर्मा पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए संवाद
मंडी। स्व. पंडित सुखराम के पौत्र और मंडी सदर से भाजपा के विधायक अनिल शर्मा के पुत्र आश्रय शर्मा ने पार्टी की ओर से कोई जिम्मेदारी न मिलने का हवाला देते हुए खुद को निर्दलीय बताकर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। कहा कि उन्हें पार्टी की ओर से कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है, वे निर्दलीय जनता के लिए उपलब्ध हैं। वे जनता और सरकार के बीच में एक कड़ी का काम कर रहे हैं। लंबे अरसे बाद मंडी में पत्रकारवार्ता में आश्रय शर्मा ने कहा कि पूर्व में वे कांग्रेस के महासचिव थे। भाजपा में आने के बाद उन्हें संगठन में कोई दायित्व नहीं है। आगामी लोकसभा चुनाव लड़ना है या नहीं इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। वे अपने परिवार के जनसेवा के कार्य को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
कहा कि कुछ लोगों ने मंडी को राजनीतिक पर्यटन नगरी बनाकर रखा हुआ है। आपदा के दौरान यहां के लोगों के साथ सिर्फ फोटो खिंचवाए और वीडियो बनवाकर वापस चले गए, लेकिन यहां के लोगों की आवाज को सही ढंग से केंद्र सरकार के समक्ष रखने में पूरी तरह से नाकाम हुए। दो साल तक संसद में कोई पैरवी नहीं कर पाए हैं। आश्रय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 5-5 साल बाद सत्ता परिवर्तन की प्रथा चली हुई है, उससे प्रदेश के विकास को गहरा आघात पहुंच रहा है। यही कारण है कि प्रदेश आगे नहीं बढ़ पा रहा, क्योंकि सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रदेश में विकास का परिवर्तन भी हो जाता है। इसलिए प्रदेश में एक ऐसी कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें दोनों दलों के लोग हो और आगामी 25 वर्षों की कार्ययोजना तैयार करके उस पर कार्य किया जाए।
आश्रय ने कहा कि आपदा के समय में प्रभावितों के नुकसान को एक ही तराजू में नहीं तोला जा सकता है। सभी का नुकसान अलग अलग हुआ है तो उसी आधार पर सरकार को लोगों को उचित मुआवजा और मदद देनी चाहिए। कहा कि कई बार खुद आपदा को निमंत्रण दिया जाता है। प्रदेश की दो प्रतिशत सड़कों में ड्रेनेज नहीं है। इसी तरह कई जगहों में वैज्ञानिक तकनीक को नहीं अपनाया जाता है। कहा कि जनहित में की जानी वाली घोषणा भी धरातल पर लागू होने की स्थिति पर ही पूरी की जानी चाहिए।
विज्ञापन
बता दें कि आश्रय शर्मा 2019 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। वर्तमान में उनके पिता अनिल शर्मा भाजपा सदर विधायक हैं। उनके पिता के साथ वे भी भाजपा में शामिल हुए हैं।
विज्ञापन
कहा कि कुछ लोगों ने मंडी को राजनीतिक पर्यटन नगरी बनाकर रखा हुआ है। आपदा के दौरान यहां के लोगों के साथ सिर्फ फोटो खिंचवाए और वीडियो बनवाकर वापस चले गए, लेकिन यहां के लोगों की आवाज को सही ढंग से केंद्र सरकार के समक्ष रखने में पूरी तरह से नाकाम हुए। दो साल तक संसद में कोई पैरवी नहीं कर पाए हैं। आश्रय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 5-5 साल बाद सत्ता परिवर्तन की प्रथा चली हुई है, उससे प्रदेश के विकास को गहरा आघात पहुंच रहा है। यही कारण है कि प्रदेश आगे नहीं बढ़ पा रहा, क्योंकि सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रदेश में विकास का परिवर्तन भी हो जाता है। इसलिए प्रदेश में एक ऐसी कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें दोनों दलों के लोग हो और आगामी 25 वर्षों की कार्ययोजना तैयार करके उस पर कार्य किया जाए।
विज्ञापन
आश्रय ने कहा कि आपदा के समय में प्रभावितों के नुकसान को एक ही तराजू में नहीं तोला जा सकता है। सभी का नुकसान अलग अलग हुआ है तो उसी आधार पर सरकार को लोगों को उचित मुआवजा और मदद देनी चाहिए। कहा कि कई बार खुद आपदा को निमंत्रण दिया जाता है। प्रदेश की दो प्रतिशत सड़कों में ड्रेनेज नहीं है। इसी तरह कई जगहों में वैज्ञानिक तकनीक को नहीं अपनाया जाता है। कहा कि जनहित में की जानी वाली घोषणा भी धरातल पर लागू होने की स्थिति पर ही पूरी की जानी चाहिए।
विज्ञापन
बता दें कि आश्रय शर्मा 2019 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। वर्तमान में उनके पिता अनिल शर्मा भाजपा सदर विधायक हैं। उनके पिता के साथ वे भी भाजपा में शामिल हुए हैं।