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Mandi News: क्रस्ना लैब में रैंप सुविधा नहीं, टेस्ट करवाने गोद में ले जाने पड़ रहे मरीज
Mon, 09 Sep 2024 08:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 09 Sep 2024 08:08 PM IST
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अधिकृत प्रयोगशाला में रोजाना उमड़ रही भीड़ में दिव्यांगों को हो रही परेशानी
रोगी वार्ड से मरीज को लैब तक पहुंचाने में सीढि़यां बन रही बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में सरकार द्वारा अधिकृत क्रस्ना प्रयोगशाला में रैंप सुविधा न होने से चलने फिरने में असहाय मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। दिव्यांग मरीजों को तीमारदार गोद में उठाकर टेस्ट करवाने के लिए पहुंचा रहे हैं। लगभग दो साल से जोगिंद्रनगर अस्पताल में टेस्ट सेवाओं को पूरा कर रही क्रस्ना लैब में डेढ़ सौ से अधिक मरीज प्रतिदिन टेस्ट के लिए पहुंचते हैं।
रोगी वार्ड से मरीजों को व्हील चेयर और स्ट्रेचर के माध्यम से भी जब पहुंचाना हो तो सीढि़यां बाधा बन रही हैं। सोमवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे चलने फिरने में असहाय और दिव्यांग मरीजों को तीमारदारों की ओर से गोद में उठा कर प्रयोगशाला तक पहुंचाया गया। गत सप्ताह भी दिव्यांग मरीज जब टेस्ट के लिए पहुंचे थे तो उन्हें सीढि़यों का सहारा लेकर पहुंचना पड़ा था। इस दौरान व्हील चेयर पर मौजूद कुछ मरीजों के टेस्ट भी प्रयोगशाला से दूर सीढि़यों के पास करने पड़े। क्रस्ना की प्रभारी सरिता ठाकुर ने बताया कि रैंप के निर्माण को लेकर उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। कहा कि चलने फिरने में असमर्थ मरीजों को वह रोगी वार्डों में भी टेस्ट की सुविधा प्रदान करवा रहे हैं। बताया कि शुक्रवार को भी डेढ सौ से अधिक मरीजों के टेस्ट क्रस्ना लैब में पूरे हुए। सोमवार को अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लगभग दो सौ से अधिक मरीजों में शामिल बाल रोग ओपीडी के मरीज मायूस होकर लौट आए। यहां पर विशेषज्ञ बीते करीब एक सप्ताह से अवकाश पर हैं। सोमवार को भी बाल रोग विशेषज्ञ न मिलने से मरीज निराश होकर लौट गए। इधर गायनी ओपीडी में भी महिलाओं की भीड़ लगी रही। कान, नाक व गले की ओपीडी के अलावा सर्जन की ओपीडी में भी उपचार को लेकर पहुंचे मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सामान्य ओपीडी में भी सोमवार को सौ से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। सीएमओ मंडी डॉ नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि मंडी जिला समेत सौ बिस्तरों वाले जोगिंद्रनगर अस्पताल में भी मरीजों की सुविधाओं व संसाधनों का विस्तार जारी है।
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रोगी वार्ड से मरीज को लैब तक पहुंचाने में सीढि़यां बन रही बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में सरकार द्वारा अधिकृत क्रस्ना प्रयोगशाला में रैंप सुविधा न होने से चलने फिरने में असहाय मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। दिव्यांग मरीजों को तीमारदार गोद में उठाकर टेस्ट करवाने के लिए पहुंचा रहे हैं। लगभग दो साल से जोगिंद्रनगर अस्पताल में टेस्ट सेवाओं को पूरा कर रही क्रस्ना लैब में डेढ़ सौ से अधिक मरीज प्रतिदिन टेस्ट के लिए पहुंचते हैं।
रोगी वार्ड से मरीजों को व्हील चेयर और स्ट्रेचर के माध्यम से भी जब पहुंचाना हो तो सीढि़यां बाधा बन रही हैं। सोमवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे चलने फिरने में असहाय और दिव्यांग मरीजों को तीमारदारों की ओर से गोद में उठा कर प्रयोगशाला तक पहुंचाया गया। गत सप्ताह भी दिव्यांग मरीज जब टेस्ट के लिए पहुंचे थे तो उन्हें सीढि़यों का सहारा लेकर पहुंचना पड़ा था। इस दौरान व्हील चेयर पर मौजूद कुछ मरीजों के टेस्ट भी प्रयोगशाला से दूर सीढि़यों के पास करने पड़े। क्रस्ना की प्रभारी सरिता ठाकुर ने बताया कि रैंप के निर्माण को लेकर उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। कहा कि चलने फिरने में असमर्थ मरीजों को वह रोगी वार्डों में भी टेस्ट की सुविधा प्रदान करवा रहे हैं। बताया कि शुक्रवार को भी डेढ सौ से अधिक मरीजों के टेस्ट क्रस्ना लैब में पूरे हुए। सोमवार को अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लगभग दो सौ से अधिक मरीजों में शामिल बाल रोग ओपीडी के मरीज मायूस होकर लौट आए। यहां पर विशेषज्ञ बीते करीब एक सप्ताह से अवकाश पर हैं। सोमवार को भी बाल रोग विशेषज्ञ न मिलने से मरीज निराश होकर लौट गए। इधर गायनी ओपीडी में भी महिलाओं की भीड़ लगी रही। कान, नाक व गले की ओपीडी के अलावा सर्जन की ओपीडी में भी उपचार को लेकर पहुंचे मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सामान्य ओपीडी में भी सोमवार को सौ से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। सीएमओ मंडी डॉ नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि मंडी जिला समेत सौ बिस्तरों वाले जोगिंद्रनगर अस्पताल में भी मरीजों की सुविधाओं व संसाधनों का विस्तार जारी है।
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