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Mandi News: देवी-देवताओं की इच्छा के आगे झुकी व्यवस्था, पैगोड़ा टेंट हटाए
Thu, 19 Feb 2026 12:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:35 AM IST
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अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव पर पड्डल मैदान में बैठे देवी देवताओं के दर्शनों को उमड़ा जन
मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान पड्डल मैदान में देवी-देवताओं के बैठने के स्थान को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को सुलझ गया। देवताओं के कड़े रुख के बाद सर्व देवता सेवा समिति ने चिह्नित स्थलों से पैगोड़ा शैली के डोमनुमा तंबुओं को हटा दिया। इसके बाद देव बाला कामेश्वर बन्यूरी, गवाड़ी देव और माता शैलपुत्री अपने आवंटित स्थानों पर विराजमान हो गए।
गौरतलब है कि मंगलवार को इन तीनों देवी-देवताओं के कारदारों ने स्पष्ट कर दिया था कि उनके आराध्य इन बंदनुमा पैगोड़ा शिविरों में बैठने को तैयार नहीं हैं। मान्यताओं के अनुसार देवताओं ने संदेश दिया कि वे पारंपरिक रूप से खुले आसमान के नीचे ही विराजमान होंगे। समिति के पदाधिकारियों ने देवताओं को मनाने की कोशिश की, लेकिन जब देव-आदेश नहीं बदला तो समिति ने बुधवार सुबह तंबू हटा दिए।
इसके बाद तीनों देवी-देवता विधिवत रूप से स्टेडियम की सीढ़ियों पर अपने मूल स्थान पर विराजे। विवाद सुलझने के बाद अब श्रद्धालु व्यवस्थित ढंग से देव भ्रमण शृंखला में देवी-देवताओं के दर्शन कर रहे हैं।
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पड्डल मैदान में देवी-देवताओं के बैठने की नई व्यवस्था इस साल से शुरू की गई है, जिसकी कारदारों ने सराहना भी की है। हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं और कारदारों को बेहतर सुविधाएं देना है। -शिवपाल शर्मा, अध्यक्ष, सर्व देवता सेवा समिति
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गौरतलब है कि मंगलवार को इन तीनों देवी-देवताओं के कारदारों ने स्पष्ट कर दिया था कि उनके आराध्य इन बंदनुमा पैगोड़ा शिविरों में बैठने को तैयार नहीं हैं। मान्यताओं के अनुसार देवताओं ने संदेश दिया कि वे पारंपरिक रूप से खुले आसमान के नीचे ही विराजमान होंगे। समिति के पदाधिकारियों ने देवताओं को मनाने की कोशिश की, लेकिन जब देव-आदेश नहीं बदला तो समिति ने बुधवार सुबह तंबू हटा दिए।
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इसके बाद तीनों देवी-देवता विधिवत रूप से स्टेडियम की सीढ़ियों पर अपने मूल स्थान पर विराजे। विवाद सुलझने के बाद अब श्रद्धालु व्यवस्थित ढंग से देव भ्रमण शृंखला में देवी-देवताओं के दर्शन कर रहे हैं।
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पड्डल मैदान में देवी-देवताओं के बैठने की नई व्यवस्था इस साल से शुरू की गई है, जिसकी कारदारों ने सराहना भी की है। हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं और कारदारों को बेहतर सुविधाएं देना है। -शिवपाल शर्मा, अध्यक्ष, सर्व देवता सेवा समिति