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Mandi News: अंधड़ से सड़कों पर गिरे होर्डिंग, तेज बारिश से हाईवे पर थम गई रफ्तार
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थाची में मटर व सेब की फसल पर हुई भीषण ओलावृष्टि से फसलों को पहुंचा नुकसान। संवाद
दोपहर बाद अचानक बारिश के बीच अंधड़ ने मचाई तबाही
बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी )। जिले में बुधवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। बारिश के साथ अंधड़ ने कुछ समय के लिए राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज हवाओं के कारण हाईवे किनारे लगे होर्डिंग बोर्ड गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ समय के लिए हाईवे पर वाहनों की रफ्तार भी थम गई। बारिश ने शादी समारोहों में भी खलल डाल दिया, जिससे आयोजकों और मेहमानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, वर्षा से लहसुन और प्याज की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में काटकर रखी गई गेहूं की फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई। खराब मौसम के कारण किसानों और बागवानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। ढेलू गांव के किसान रमेश, मसौली की अनिता और हराबाग की कला ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और हवाओं के कारण उनकी फसलों को नुकसान हो रहा है। एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि बारिश और अंधड़ से हुए नुकसान के आकलन के लिए राजस्व और कृषि विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
थाची में भीषण ओलावृष्टि से तबाही, मटर और सेब की फसलें प्रभावित
थाची (मंडी)। थाची क्षेत्र की ग्राम पंचायत खलवाहण, सोमगाड़ और भनवास में हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब 2 से 3 इंच तक ओले गिरने से मटर और सेब की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। स्थानीय किसानों लेदु सूर्यवंशी, चतर ठाकुर, चंद्रमणी और चुनी सूर्यवंशी सहित अन्य लोगों ने बताया कि जिन किसानों ने सेब के पौधों की सुरक्षा के लिए एंटी-हेलनेट जाली लगाई थी, उनकी फसलें कुछ हद तक सुरक्षित रहीं, जबकि गरीब किसानों के पास ऐसी सुविधा न होने के कारण उनके बागानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत को पलभर में बर्बाद कर दिया। उन्होंने प्रशासन से जल्द नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।
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बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी )। जिले में बुधवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। बारिश के साथ अंधड़ ने कुछ समय के लिए राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज हवाओं के कारण हाईवे किनारे लगे होर्डिंग बोर्ड गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ समय के लिए हाईवे पर वाहनों की रफ्तार भी थम गई। बारिश ने शादी समारोहों में भी खलल डाल दिया, जिससे आयोजकों और मेहमानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, वर्षा से लहसुन और प्याज की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में काटकर रखी गई गेहूं की फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई। खराब मौसम के कारण किसानों और बागवानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। ढेलू गांव के किसान रमेश, मसौली की अनिता और हराबाग की कला ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और हवाओं के कारण उनकी फसलों को नुकसान हो रहा है। एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि बारिश और अंधड़ से हुए नुकसान के आकलन के लिए राजस्व और कृषि विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
थाची में भीषण ओलावृष्टि से तबाही, मटर और सेब की फसलें प्रभावित
थाची (मंडी)। थाची क्षेत्र की ग्राम पंचायत खलवाहण, सोमगाड़ और भनवास में हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब 2 से 3 इंच तक ओले गिरने से मटर और सेब की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। स्थानीय किसानों लेदु सूर्यवंशी, चतर ठाकुर, चंद्रमणी और चुनी सूर्यवंशी सहित अन्य लोगों ने बताया कि जिन किसानों ने सेब के पौधों की सुरक्षा के लिए एंटी-हेलनेट जाली लगाई थी, उनकी फसलें कुछ हद तक सुरक्षित रहीं, जबकि गरीब किसानों के पास ऐसी सुविधा न होने के कारण उनके बागानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत को पलभर में बर्बाद कर दिया। उन्होंने प्रशासन से जल्द नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।

थाची में मटर व सेब की फसल पर हुई भीषण ओलावृष्टि से फसलों को पहुंचा नुकसान। संवाद
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