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Mandi News: गुरकोठा उप डाकघर के स्थानांतरण के विरोध में पांचवें दिन भी धरना जारी
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लोगों ने की नारेबाजी, आदेश वापस न लेने पर मंडी मुख्य कार्यालय घेरने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
रिवालसर (मंडी)। गुरकोठा उप डाकघर के स्थानांतरण करने के विरोध में स्थानीय जनता का आंदोलन वीरवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान लगभग 200 लोग धरना स्थल पर एकत्र हुए और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जब तक विभाग गुरकोठा उप डाकघर के स्थानांतरण के आदेश वापस नहीं लेता तब तक उनका धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
स्थानीय निवासी भीखम राम, जमना ठाकुर, लेख राम, नरेश कुमार शर्मा, प्रेम सिंह, कमल महाजन, दलीप सिंह कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने एकतरफा निर्णय लेते हुए 1 मार्च 2026 को बिना किसी अग्रिम सूचना के उप डाकघर को बंद कर दिया। हैरानी की बात यह है कि डाकघर बंद होने के बावजूद वहां अब भी लेटर बॉक्स और बोर्ड उप डाकघर गुरकोठा के नाम से ही लगे हुए हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
लोगों का कहना है कि डाकघर गरीब और ग्रामीण लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुविधा है, जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसे निकाले जा सकते हैं। क्षेत्र के कई बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और अन्य सरकारी सहायता राशि भी डाकघर के माध्यम से ही आती है, जिससे उनके दवा-दारू और अन्य जरूरी खर्च पूरे होते हैं।
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स्थानीय जनता ने विभागीय अधिकारी संजय ठाकुर के उस तर्क पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा कि लेदा में अधिक दुकानें और बड़ा बाजार होने के कारण वहां डाकघर स्थानांतरित किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि बाजार ही आधार था तो डाकघर खोलते समय यह बात क्यों नहीं देखी गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वीरवार को भी कुछ लोग पैसे निकालने के लिए डाकघर पहुंचे, लेकिन पिछले पांच दिनों से डाकघर बंद होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिवालसर (मंडी)। गुरकोठा उप डाकघर के स्थानांतरण करने के विरोध में स्थानीय जनता का आंदोलन वीरवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान लगभग 200 लोग धरना स्थल पर एकत्र हुए और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जब तक विभाग गुरकोठा उप डाकघर के स्थानांतरण के आदेश वापस नहीं लेता तब तक उनका धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
स्थानीय निवासी भीखम राम, जमना ठाकुर, लेख राम, नरेश कुमार शर्मा, प्रेम सिंह, कमल महाजन, दलीप सिंह कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने एकतरफा निर्णय लेते हुए 1 मार्च 2026 को बिना किसी अग्रिम सूचना के उप डाकघर को बंद कर दिया। हैरानी की बात यह है कि डाकघर बंद होने के बावजूद वहां अब भी लेटर बॉक्स और बोर्ड उप डाकघर गुरकोठा के नाम से ही लगे हुए हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
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लोगों का कहना है कि डाकघर गरीब और ग्रामीण लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुविधा है, जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसे निकाले जा सकते हैं। क्षेत्र के कई बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और अन्य सरकारी सहायता राशि भी डाकघर के माध्यम से ही आती है, जिससे उनके दवा-दारू और अन्य जरूरी खर्च पूरे होते हैं।
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स्थानीय जनता ने विभागीय अधिकारी संजय ठाकुर के उस तर्क पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा कि लेदा में अधिक दुकानें और बड़ा बाजार होने के कारण वहां डाकघर स्थानांतरित किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि बाजार ही आधार था तो डाकघर खोलते समय यह बात क्यों नहीं देखी गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वीरवार को भी कुछ लोग पैसे निकालने के लिए डाकघर पहुंचे, लेकिन पिछले पांच दिनों से डाकघर बंद होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।