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Mandi News: झलोगी सुरंग का मुहाना खिसका, बाहरी दीवार पर आई बड़ी दरारें
Sat, 06 Sep 2025 11:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 06 Sep 2025 11:29 AM IST
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झलोगी टनल के मुहाने के बाहर खिसका डंगा। इससे टनल को भी नुकसान होने की आशंका है। स्त्रोत- जागरू
पंडोह (मंडी)। जिले में भारी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब मंडी-कुल्लू नेशनल हाईवे पर स्थित झलोगी सुरंग का मुहाना खिसक गया है। पहाड़ी दरकने की आशंका है। इससे ही टनल खिसकी है। ब्यास नदी की तरफ टनल के सहारे के लिए लगी दीवार (ब्रेस वॉल) पर बड़ी दरारें साफ देखी जा सकती हैं। यह दीवार भी बाहर की तरफ को खिसकी है। इससे टनल के मुहाने के खिसकने की पुष्टि हो रही है।
लगातार हो रही बारिश के चलते यह इलाका पहले ही अति संवेदनशील बना हुआ है। वहीं, अब टनल के मुहाने के खिसकने से चिंताएं और बढ़ गई हैं। यहां एक तरफ फ्लाईओवर और सुरंग है जबकि दूसरी ओर ओपन सड़क का हिस्सा है। पहले ही फ्लाईओवर पर बड़ी चट्टानें गिरने से भारी नुकसान हो चुका है और झलोगी सुरंग का मुहाना मलबे और पत्थरों से ढक गया है। यह वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। ऐसे में अगर दरारें और बढ़ती या कोई बड़ी चट्टान खिसकती है तो मंडी-कुल्लू हाईवे पर फिर मुश्किलें बढ़ सकती है।
पंडोह से मनाली तक टनल बड़ी सहारा
किरतपुर-मनाली फोरलेन कई जगह क्षतिग्रस्त हुआ है। 2023 के बाद 2025 में भी टनलें यातायात का माध्यम बनी हैं। यहां सुरक्षित सफर होता रहा लेकिन अब टनल को भी नुकसान की घटनाओं ने सभी को चिंता में डाल दिया है।
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लगातार मलबा गिरने के कारण सुरंग के अंदर जाना संभव नहीं है। मलबा हटाने के बाद विशेषज्ञ बुलाए जाएंगे। जियोलॉजिस्ट ही जांच पड़ताल कर स्थिति साफ करेंगे कि अब क्या किया जाए। फिलहाल स्थिति पर निगरानी की जा रही है।
-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई मंडी इकाई
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लगातार हो रही बारिश के चलते यह इलाका पहले ही अति संवेदनशील बना हुआ है। वहीं, अब टनल के मुहाने के खिसकने से चिंताएं और बढ़ गई हैं। यहां एक तरफ फ्लाईओवर और सुरंग है जबकि दूसरी ओर ओपन सड़क का हिस्सा है। पहले ही फ्लाईओवर पर बड़ी चट्टानें गिरने से भारी नुकसान हो चुका है और झलोगी सुरंग का मुहाना मलबे और पत्थरों से ढक गया है। यह वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। ऐसे में अगर दरारें और बढ़ती या कोई बड़ी चट्टान खिसकती है तो मंडी-कुल्लू हाईवे पर फिर मुश्किलें बढ़ सकती है।
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पंडोह से मनाली तक टनल बड़ी सहारा
किरतपुर-मनाली फोरलेन कई जगह क्षतिग्रस्त हुआ है। 2023 के बाद 2025 में भी टनलें यातायात का माध्यम बनी हैं। यहां सुरक्षित सफर होता रहा लेकिन अब टनल को भी नुकसान की घटनाओं ने सभी को चिंता में डाल दिया है।
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लगातार मलबा गिरने के कारण सुरंग के अंदर जाना संभव नहीं है। मलबा हटाने के बाद विशेषज्ञ बुलाए जाएंगे। जियोलॉजिस्ट ही जांच पड़ताल कर स्थिति साफ करेंगे कि अब क्या किया जाए। फिलहाल स्थिति पर निगरानी की जा रही है।
-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई मंडी इकाई