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Mandi News: मंडी से कुल्लू तक हाईवे हो गया संकरा
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मंडी। बारिश ने किरतपुर-मनाली फोरलेन पर मंडी से मनाली तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह भूस्खलन से हाईवे कई स्थानों पर संकरा हो गया है। खासकर डयोड, जोगणी मोड़, झलोगी में हाईवे वनवे यातायात के लिए ही बचा हुआ है। मंडी से कुल्लू के बीच मार्ग बहाल तो है, लेकिन खतरे के बीच वाहनों की आवाजाही हो रही है।
दवाडा स्थित फ्लाईओवर पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका था, अब झलोगी टनल भी बरसात की मार झेल रही है। टनल के मुहाने पर धंसाव देखने को मिला है। जिससे ढांचागत मजबूती पर खतरा मंडरा रहा है। एनएचएआई की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
मौजूदा समय में पुराना एनएच पूरी तरह तबाह हो चुका है, जिससे अब टनल ही बड़े सहारे के रूप में बची है। अब टनल पर बारिश के कहर ने मुश्किलें पैदा कर दी हैं। भू-वैज्ञानिकों के अनुसार लगातार वर्षा से मिट्टी ढीली हो रही है और ढलानों पर दबाव बढ़ रहा है। इससे भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं।
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एनएचएआई का दावा है कि बहाली कार्यों को युद्धस्तर पर किया जा रहा है। टनल की सुरक्षा जांच करवाई जा रही है और आवश्यकतानुसार मजबूतीकरण का कार्य भी जल्द शुरू होगा। राहत दल और पुलिस टीमें चौकसी पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
उधर, एनएचएआई मंडी इकाई के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने बताया कि 2023 के बाद 2025 में बरसात से किरतपुर-मनाली फोरलेन पर पंडोह से मनाली तक भारी नुकसान रिपोर्ट हुआ है। बहाली कार्य में टीमें जुटी हुई हैं। टनल की भी जांच करवाई जाएगी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार कार्य करवाया जाएगा। संवाद
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दवाडा स्थित फ्लाईओवर पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका था, अब झलोगी टनल भी बरसात की मार झेल रही है। टनल के मुहाने पर धंसाव देखने को मिला है। जिससे ढांचागत मजबूती पर खतरा मंडरा रहा है। एनएचएआई की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
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मौजूदा समय में पुराना एनएच पूरी तरह तबाह हो चुका है, जिससे अब टनल ही बड़े सहारे के रूप में बची है। अब टनल पर बारिश के कहर ने मुश्किलें पैदा कर दी हैं। भू-वैज्ञानिकों के अनुसार लगातार वर्षा से मिट्टी ढीली हो रही है और ढलानों पर दबाव बढ़ रहा है। इससे भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं।
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एनएचएआई का दावा है कि बहाली कार्यों को युद्धस्तर पर किया जा रहा है। टनल की सुरक्षा जांच करवाई जा रही है और आवश्यकतानुसार मजबूतीकरण का कार्य भी जल्द शुरू होगा। राहत दल और पुलिस टीमें चौकसी पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
उधर, एनएचएआई मंडी इकाई के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने बताया कि 2023 के बाद 2025 में बरसात से किरतपुर-मनाली फोरलेन पर पंडोह से मनाली तक भारी नुकसान रिपोर्ट हुआ है। बहाली कार्य में टीमें जुटी हुई हैं। टनल की भी जांच करवाई जाएगी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार कार्य करवाया जाएगा। संवाद