{"_id":"688cb06a0703a26aac0485b9","slug":"the-disaster-rendered-120-shopkeepers-of-thunag-unemployed-mandi-news-c-90-1-ssml1045-164504-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: आपदा ने बेरोजगार कर दिए थुनाग के 120 दुकानदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: आपदा ने बेरोजगार कर दिए थुनाग के 120 दुकानदार
विज्ञापन
बाजार में लगे हैं मलबे के ढेर, 60 से ज्यादा दुकानें बह गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा को एक माह बीत चुका है, लेकिन थुनाग बाजार की गलियां आज भी सुनसान हैं। भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने इस बाजार को तबाह कर दिया। इससे 120 से अधिक दुकानदार बेरोजगार हो गए। व्यापारियों को करीब सात करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसमें लाखों-करोड़ों का सामान बाढ़ में बह गया।
आपदा के बाद थुनाग बाजार में मलबे के ढेर लगे हैं। प्रशासन मलबा हटाने में जुटा है, लेकिन इतना मलबा जमा है कि एक माह बाद भी सफाई पूरी नहीं हो सकी। बस स्टैंड से पुरानी तहसील भवन तक फैला बाजार कीचड़ और मिट्टी के ढेरों से पटा है। बाजार का 50 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है। 150 से अधिक दुकानें प्रभावित हुईं, जिनमें 60 से ज्यादा दुकानें बाढ़ में बह गईं, 50-60 दुकानें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं और 40 से अधिक दुकानों में मलबा घुसने से सामान बर्बाद हो गया। कई व्यापारियों के घर और मकान जमीन समेत बह गए। कई गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। टूटे पुलों के कारण लोग नदियां पार कर आवागमन कर रहे हैं। यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी।
स्थानीय व्यापारी ललित कुमार बताते हैं कि आपदा ने गहरे जख्म दिए हैं, जिन्हें भरने में समय लगेगा। व्यापारी नई दुकानों की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी और बाजार की सुनसानी उनके हौसले तोड़ रही है। प्रशासन से त्वरित राहत और पुनर्वास की मांग की जा रही है, ताकि थुनाग बाजार फिर से गुलजार हो सके। उधर, एसडीएम थुनाग रमेश कुमार ने बताया कि थुनाग बाजार से मलबा हटाने के लिए दो एलएनटी लगाई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा को एक माह बीत चुका है, लेकिन थुनाग बाजार की गलियां आज भी सुनसान हैं। भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने इस बाजार को तबाह कर दिया। इससे 120 से अधिक दुकानदार बेरोजगार हो गए। व्यापारियों को करीब सात करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसमें लाखों-करोड़ों का सामान बाढ़ में बह गया।
आपदा के बाद थुनाग बाजार में मलबे के ढेर लगे हैं। प्रशासन मलबा हटाने में जुटा है, लेकिन इतना मलबा जमा है कि एक माह बाद भी सफाई पूरी नहीं हो सकी। बस स्टैंड से पुरानी तहसील भवन तक फैला बाजार कीचड़ और मिट्टी के ढेरों से पटा है। बाजार का 50 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है। 150 से अधिक दुकानें प्रभावित हुईं, जिनमें 60 से ज्यादा दुकानें बाढ़ में बह गईं, 50-60 दुकानें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं और 40 से अधिक दुकानों में मलबा घुसने से सामान बर्बाद हो गया। कई व्यापारियों के घर और मकान जमीन समेत बह गए। कई गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। टूटे पुलों के कारण लोग नदियां पार कर आवागमन कर रहे हैं। यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी।
विज्ञापन
स्थानीय व्यापारी ललित कुमार बताते हैं कि आपदा ने गहरे जख्म दिए हैं, जिन्हें भरने में समय लगेगा। व्यापारी नई दुकानों की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी और बाजार की सुनसानी उनके हौसले तोड़ रही है। प्रशासन से त्वरित राहत और पुनर्वास की मांग की जा रही है, ताकि थुनाग बाजार फिर से गुलजार हो सके। उधर, एसडीएम थुनाग रमेश कुमार ने बताया कि थुनाग बाजार से मलबा हटाने के लिए दो एलएनटी लगाई हैं।
विज्ञापन