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Mandi News: छत से पानी टपकने पर निगम की छवि और रिकॉर्ड हो रहा खराब
Sun, 29 Jun 2025 12:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 29 Jun 2025 12:16 AM IST
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मंडी। साहब! बस अड्डे की छत पर बनाई पार्किंग से निगम को आय तो अच्छी हो रही है लेकिन छवि खराब हो रही है। बस अड्डा की छत पर हमेशा पानी खड़ा रहता है और तालाब की तरह बन रहा है। गाड़ियां पार्क करने वालों को असुविधा हो रही है। बारिश होने के उपरांत काफी समय तक छत से पानी नीचे परिसर में टपकता रहता है। इससे रिकॉर्ड भी खराब हो रहा है। यह बात शनिवार को मंडी बस अड्डा का निरीक्षण करने पहुंचे एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल को सौंपे ज्ञापन में हिमाचल पथ परिवहन कर्मचारी महासंघ इंटक इकाई मंडी के सदस्यों ने कही।
हाल में हुई बारिश के बाद बस अड्डे पर पानी का रिसाव होने से आ रही मुश्किलों का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद क्षेत्रीय प्रबंधन, मंडलीय प्रबंधन ने खुद बस अड्डे का निरीक्षण कर समाधान के निर्देश दिए थे। कर्मचारियों ने निगम की कर्मशाला का मुद्दा भी उठाया और कहा कि कर्मशाला की स्थिति बेहद दयनीय है। बारिश होने पर पानी अंदर आ रहा है। काम करने में परेशानी हो रही है। ऐसे में फर्श को पक्का करवाया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि मंडी क्षेत्र में गाड़ियों की स्थिति ठीक नहीं है। कर्मशाला में कर्मचारियों की संख्या कम होने से गाड़ियों का काम ठीक से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में रिक्त पदों को भरा जाए। निदेशक ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है।
अड्डे पर घूमते हैं नशेड़ी, यात्री होते हैं परेशान
इंटक के प्रदेशाध्यक्ष उमेश कुमार शर्मा ने नेतृत्व में कर्मचारियों ने ध्यान में लाया कि बस अड्डे पर नशेड़ी और शरारती तत्व घूमते रहते हैं। इससे यात्री भी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने निदेशक से यहां पर 24 घंटे दो पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की। हालांकि बस अड्डे से सदर थाना की दूरी 300 मीटर है, लेकिन पिछले दिनों चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कर्मियों ने कहा कि बस अड्डे पर महिला परिचालकों के लिए विश्राम गृह और शौचालय का भी प्रावधान करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन गाड़ियों के रूट परमिट विभाग के पास हैं, उन्हें निजी ऑपरेटरों को न देकर हिमाचल पथ परिवहन निगम स्वयं चलाए।
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परिचालकों की वेतन विसंगति की जाए दूर
ज्ञापन में परिचालकों की वेतन विसंगति को दूर करने, प्रथम वेतन आयोग की लागू सिफारिशों से लेकर चौथे वेतन आयोग की लागू सिफारिशों का अवलोकन करने की मांग की गई। इसके अलावा अन्य विभागों की तरह नए वेतन आयोग लागू होने से बने एरियर की पहली किस्त 50,000 रुपये देने की मांग रखी। साथ ही चालकों व परिचालकों के ओवरटाइम और रात्रि भत्ते का एकमुश्त भुगतान करने की भी गुहार लगाई। इसके साथ भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करके निरीक्षक और उप निरीक्षक के खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने और परिचालकों व चालकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करने की मांग उठाई।
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हाल में हुई बारिश के बाद बस अड्डे पर पानी का रिसाव होने से आ रही मुश्किलों का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद क्षेत्रीय प्रबंधन, मंडलीय प्रबंधन ने खुद बस अड्डे का निरीक्षण कर समाधान के निर्देश दिए थे। कर्मचारियों ने निगम की कर्मशाला का मुद्दा भी उठाया और कहा कि कर्मशाला की स्थिति बेहद दयनीय है। बारिश होने पर पानी अंदर आ रहा है। काम करने में परेशानी हो रही है। ऐसे में फर्श को पक्का करवाया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि मंडी क्षेत्र में गाड़ियों की स्थिति ठीक नहीं है। कर्मशाला में कर्मचारियों की संख्या कम होने से गाड़ियों का काम ठीक से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में रिक्त पदों को भरा जाए। निदेशक ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है।
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अड्डे पर घूमते हैं नशेड़ी, यात्री होते हैं परेशान
इंटक के प्रदेशाध्यक्ष उमेश कुमार शर्मा ने नेतृत्व में कर्मचारियों ने ध्यान में लाया कि बस अड्डे पर नशेड़ी और शरारती तत्व घूमते रहते हैं। इससे यात्री भी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने निदेशक से यहां पर 24 घंटे दो पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की। हालांकि बस अड्डे से सदर थाना की दूरी 300 मीटर है, लेकिन पिछले दिनों चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कर्मियों ने कहा कि बस अड्डे पर महिला परिचालकों के लिए विश्राम गृह और शौचालय का भी प्रावधान करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन गाड़ियों के रूट परमिट विभाग के पास हैं, उन्हें निजी ऑपरेटरों को न देकर हिमाचल पथ परिवहन निगम स्वयं चलाए।
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परिचालकों की वेतन विसंगति की जाए दूर
ज्ञापन में परिचालकों की वेतन विसंगति को दूर करने, प्रथम वेतन आयोग की लागू सिफारिशों से लेकर चौथे वेतन आयोग की लागू सिफारिशों का अवलोकन करने की मांग की गई। इसके अलावा अन्य विभागों की तरह नए वेतन आयोग लागू होने से बने एरियर की पहली किस्त 50,000 रुपये देने की मांग रखी। साथ ही चालकों व परिचालकों के ओवरटाइम और रात्रि भत्ते का एकमुश्त भुगतान करने की भी गुहार लगाई। इसके साथ भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करके निरीक्षक और उप निरीक्षक के खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने और परिचालकों व चालकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करने की मांग उठाई।