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Mandi News: हमीरपुर-धर्मपुर-मंडी हाईवे के अब भी नहीं सुधरे हालात
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किसान सभा ने एसडीएम सरकाघाट से बैठक बुलाने का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। राष्ट्रीय उच्च मार्ग हमीरपुर-सरकाघाट-धर्मपुर-मंडी के हालात बरसात खत्म होने के तीन महीने बाद भी नहीं सुधरे हैं। हमीरपुर में मोर्थ (मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे) का कार्यालय बंद होने से स्टाफ को शिमला शिफ्ट कर दिया गया है। इससे समस्या का समाधान होने के बजाय परेशानी अधिक बढ़ गई है।
हिमाचल किसान सभा के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि 23 नवंबर को सदर मंडी, 24 नवंबर को धर्मपुर और सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में अवाहदेवी से पाड़छु तक तथा 25 को पाड़छु से कुमाहरड़ा तक निरीक्षण तय हुआ था। ऐन मौके पर उसे रद्द कर दिया गया था। 26 नवंबर को हिमाचल किसान सभा ने सरकाघाट में एनएच व अन्य मांगों के बारे में प्रदर्शन किया। एक मांगपत्र एसडीएम सरकाघाट और धर्मपुर को दिए, जिसमें निरीक्षण के साथ-साथ कंपनी और मोर्थ के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने की मांग की थी। हैरानी की बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी न तो निरीक्षण हुआ और न ही दोनों एसडीएम की ओर से बैठकें बुलाई गईं।
एनएच निर्माण से बरसात से पहले और बाद में जो समस्याएं पैदा हुई हैं, उसे कोई नहीं सुन रहा है। निर्माण करने वाली कंपनी ने घरों के पास सुरक्षा दीवारें लगाने, तोड़े गए रास्तों, पेयजल स्रोतों, अवैध डंपिंग को हटाने के बारे में कोई कदम नहीं उठाया है। किसान सभा के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हिमाचल किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने बीते दिन एसडीएम सरकाघाट राजेंद्र गौतम से मिलकर बैठक बुलाकर निरीक्षण करने की मांग की है। अगर जल्द बैठक नहीं बुलाई गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। राष्ट्रीय उच्च मार्ग हमीरपुर-सरकाघाट-धर्मपुर-मंडी के हालात बरसात खत्म होने के तीन महीने बाद भी नहीं सुधरे हैं। हमीरपुर में मोर्थ (मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे) का कार्यालय बंद होने से स्टाफ को शिमला शिफ्ट कर दिया गया है। इससे समस्या का समाधान होने के बजाय परेशानी अधिक बढ़ गई है।
हिमाचल किसान सभा के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि 23 नवंबर को सदर मंडी, 24 नवंबर को धर्मपुर और सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में अवाहदेवी से पाड़छु तक तथा 25 को पाड़छु से कुमाहरड़ा तक निरीक्षण तय हुआ था। ऐन मौके पर उसे रद्द कर दिया गया था। 26 नवंबर को हिमाचल किसान सभा ने सरकाघाट में एनएच व अन्य मांगों के बारे में प्रदर्शन किया। एक मांगपत्र एसडीएम सरकाघाट और धर्मपुर को दिए, जिसमें निरीक्षण के साथ-साथ कंपनी और मोर्थ के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने की मांग की थी। हैरानी की बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी न तो निरीक्षण हुआ और न ही दोनों एसडीएम की ओर से बैठकें बुलाई गईं।
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एनएच निर्माण से बरसात से पहले और बाद में जो समस्याएं पैदा हुई हैं, उसे कोई नहीं सुन रहा है। निर्माण करने वाली कंपनी ने घरों के पास सुरक्षा दीवारें लगाने, तोड़े गए रास्तों, पेयजल स्रोतों, अवैध डंपिंग को हटाने के बारे में कोई कदम नहीं उठाया है। किसान सभा के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हिमाचल किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने बीते दिन एसडीएम सरकाघाट राजेंद्र गौतम से मिलकर बैठक बुलाकर निरीक्षण करने की मांग की है। अगर जल्द बैठक नहीं बुलाई गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। संवाद
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