सुंदरनगर(मंडी)। स्वयं सहायता समूहों को अधिक सशक्त, संगठित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला परियोजना प्रबंधन इकाई, जिला मंडी के सौजन्य से आयोजित प्रशिक्षण में सामुदायिक प्रेरकों को समूहों के प्रभावी संचालन, नेतृत्व विकास और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के विभिन्न आयामों की जानकारी दी गई। प्रधानाचार्य डॉ. प्राची ने अपने संबोधन में स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण एवं प्रोत्साहन के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण अधिकारियों ने प्रतिभागियों को स्वयं सहायता समूहों की अवधारणा, उद्देश्य और महत्व से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त आजीविका संवर्धन एवं आय सृजन गतिविधियों को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और बैंकिंग संस्थाओं से प्रभावी संपर्क स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने संवादात्मक सत्रों में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में उप-प्रधानाचार्य डॉ. ओम प्रकाश बंसल, कार्यक्रम समन्वयक एवं प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. राजीव शर्मा, प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सुधीर, डॉ. मीना और डॉ. अमर सिंह कौंडल ने विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया।