{"_id":"674766848f4029b9730e6f53","slug":"stipend-not-received-since-last-three-months-junior-resident-goes-on-strike-mandi-news-c-90-1-mrt1064-141370-2024-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: तीन माह से नहीं मिला स्टाइपंड, जूनियर रेजिडेंट ने की हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: तीन माह से नहीं मिला स्टाइपंड, जूनियर रेजिडेंट ने की हड़ताल
Thu, 28 Nov 2024 12:05 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 28 Nov 2024 12:05 AM IST
विज्ञापन
नेरचौक (मंडी)। नेरचौक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट चिकित्सक तीन महीने से स्टाइपेंड न मिलने के कारण हड़ताल पर उतर आए हैं। जूनियर रेजिडेंट के अध्यक्ष डॉ. पारस रत्न ने कहा कि पिछले कई दिनों से कॉलेज प्रबंधन से इसको लेकर बात कर रहे हैं, लेकिन हर बार यही आश्वासन मिलता है कि जल्द ही स्टाइपेंड जारी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तीन महीने बीतने के बावजूद स्टाइपेंड की राशि नहीं दी गई है। 25 जूनियर रेजिडेंट दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें वेतन नहीं मिल रहा। यह पहला मौका नहीं है जब स्टाइपेंड का भुगतान नहीं किया गया है। पहले भी ऐसी स्थिति कई बार उत्पन्न हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टरों ने अपनी पढ़ाई के लिए बैंक से कर्ज लिया है और अब उनकी किस्तें भी चुकानी हैं। इस स्थिति को लेकर उन्होंने सरकार से जल्द स्टाइपेंड की राशि जारी करने की मांग की है।
डॉ. रत्न ने कॉलेज प्रशासन से आग्रह किया कि अगर समस्या का समाधान नहीं किया जाता है तो उन्हें मजबूरन हड़ताल जारी रखनी पड़ेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं चलती रहेंगी और केवल नियमित सेवाएं प्रभावित होंगी।
विज्ञापन
जूनियर रेसिडेंट चिकित्सक पिछले कुछ समय से स्टाइपंड न मिलने से हड़ताल कर रहे हैं। समस्या के समाधान को लेकर पत्राचार किया गया है। उम्मीद है जल्द हल हो जाएगा। जूनियर रेजिडेंट को काम पर लौटने के लिए कहा गया है।
-डॉ. राजेश भवानी, कार्यकारी प्रधानाचार्य
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि तीन महीने बीतने के बावजूद स्टाइपेंड की राशि नहीं दी गई है। 25 जूनियर रेजिडेंट दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें वेतन नहीं मिल रहा। यह पहला मौका नहीं है जब स्टाइपेंड का भुगतान नहीं किया गया है। पहले भी ऐसी स्थिति कई बार उत्पन्न हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टरों ने अपनी पढ़ाई के लिए बैंक से कर्ज लिया है और अब उनकी किस्तें भी चुकानी हैं। इस स्थिति को लेकर उन्होंने सरकार से जल्द स्टाइपेंड की राशि जारी करने की मांग की है।
विज्ञापन
डॉ. रत्न ने कॉलेज प्रशासन से आग्रह किया कि अगर समस्या का समाधान नहीं किया जाता है तो उन्हें मजबूरन हड़ताल जारी रखनी पड़ेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं चलती रहेंगी और केवल नियमित सेवाएं प्रभावित होंगी।
विज्ञापन
जूनियर रेसिडेंट चिकित्सक पिछले कुछ समय से स्टाइपंड न मिलने से हड़ताल कर रहे हैं। समस्या के समाधान को लेकर पत्राचार किया गया है। उम्मीद है जल्द हल हो जाएगा। जूनियर रेजिडेंट को काम पर लौटने के लिए कहा गया है।
-डॉ. राजेश भवानी, कार्यकारी प्रधानाचार्य