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एसपीयू परिणाम विवाद : सभी उत्तर पुस्तिकाओं का नहीं होगा पुनर्मूल्यांकन

Thu, 03 Oct 2024 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Thu, 03 Oct 2024 11:09 PM IST
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SPU result controversy: All answer sheets will not be re-evaluated
मंडी। सरदार पटेल यूनिवर्सिटी (एसपीयू) सभी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन नहीं करेगी। हाल ही में फेल और कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थियों ने एसपीयू परिसर में प्रदर्शन कर यूनिवर्सिटी प्रबंधन से सभी उत्तर पुस्तिकाओं के निशुल्क पुनर्मूल्यांकन की मांग की थी। यूनिवर्सिटी प्रबंधन का दावा है कि विद्यार्थियों को ऐसा लगता है कि वह पुनर्मूल्यांकन के बाद पास हो जाएंगे लेकिन पिछले रिजल्ट की औसतन संख्या देखें तो 10 फीसदी विद्यार्थियों के परिणाम में ही बदलाव आया था।
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एसपीयू में पिछले साल पुनर्मूल्यांकन के 6,751 आवेदनों में 2,900 परीक्षार्थी ही पास हुए थे। 2023-24 के दौरान विभिन्न कोर्साें में 35 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। उनके सभी पेपर की उत्तर पुस्तिका को मिलाकर संख्या 1,94,610 थी। परिणाम निकलने के बाद 6,751 विद्यार्थियों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। जिनकी उत्तर पुस्तिका की संख्या 13,041 थी। इनमें 4,033 उत्तर पुस्तिका पर ही परिणाम में बदलाव हुआ था और 2,900 विद्यार्थी पास हुए थे। ऐसे में इस बार आए परिणाम के बाद विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं कि 35 पेज भरने के बाद भी उन्हें कम नंबर देकर फेल कर दिया गया है।
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इस पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि उनकी उत्तर पुस्तिका आधुनिक व गोपनीयता की सुविधा से लेस है। उसमें डाटा लीक होने का सवाल ही नहीं रहता है। उन्हें इस तरीके से रखा जाता है कि खोजना आसान रहता है। कई विद्यार्थी थ्योरी में पास होते हैं जबकि प्रेक्टिकल में फेल हैं। ऐसे में उनके परिणाम पर असर पड़ेगा। जिन विद्यार्थियों को लगता है कि वह पास हो सकते हैं, वह पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैँ।
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कम स्टाफ में भी निभा रहे पूरी जिम्मेदारी
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी का 10 फीसदी स्टाफ भी उपलब्ध न होने पर एसपीयू परीक्षाओं समेत सभी कार्यक्रम साथ ही करवा रहा है। कलस्टर के तहत नॉन टीचिंग के 128 पदों में 18 ही भरे गए हैं, जो परीक्षाओं से लेकर परिणाम तक की सभी औपचारिकताओं को पूरी कर रहे हैं। एसपीयू प्रबंधन का कहना है कि परिणाम में देरी हो रही है लेकिन परीक्षाएं समय पर आयोजित की जा रही हैं।


कोट्स
सभी विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन करना फिर से संभव नहीं है। औसतन पुनर्मूल्यांकन में 10 फीसदी तक ही परिणाम में बदलाव आता है। जिन विद्यार्थियों को ऐसा लगता है कि वह पास हो सकते हैं , वह आवेदन कर सकते हैं। यह भावना पैदा कर लेना कि पुनर्मूल्यांकन में पास ही हो जाएंगे, यह गलत है। छोटी गलतियों से सबक लेकर विद्यार्थियों को आगे की तैयारी गंभीरता से करनी चाहिए।
-ई. सुनील वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, एसपीयू मंडी
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