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Mandi News: बर्फबारी से लकदक हुआ सराज, कई चुनौतियां बरकरार
Thu, 29 Jan 2026 06:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 29 Jan 2026 06:38 AM IST
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सराज घाटी के बुंगरैल चौक में ताजा बर्फबारी के बाद नजारा। स्त्रोत- जागरूक पाठक
थुनाग (मंडी)। सराज घाटी एक बार फिर सफेद बर्फ की चादर से ढक गई है। मंगलवार से शुरू हुई बर्फबारी बुधवार सुबह चार बजे तक जारी रही, जिसने बगस्याड़, थुनाग, जंजैहली, छतरी, गाड़ागुशैण, थाची, बागाचनोगी और चिऊणी चेत जैसे क्षेत्रों को पूरी तरह सफेद कर दिया।
इस बर्फबारी से सराज घाटी का संपर्क शेष दुनिया से कट गया है। तापमान माइनस में पहुंच गया, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ गया। हालांकि, यह बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए वरदान साबित हुई है। जमीन में नमी बनी रहेगी, जो फसलों के लिए फायदेमंद है। खासकर सेब बहुल इलाकों जैसे जंजैहली, बगस्याड़ और संगलवाड़ा में बागानों को चिलिंग ऑवर्स पूरे होने की संभावना बढ़ गई है, जो सेब उत्पादन के लिए आवश्यक है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में बुधवार को एक दिन का अवकाश रखा। हालांकि स्कूलों में पहले से विंटर वेकेशन चल रही हैं। कांढा में 12 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी के कारण चैल-जंजैहली मुख्य मार्ग बंद हो गया था। इसे दोपहर बाद छोटे वाहनों के लिए जंजैहली तक बहाल कर दिया गया है। पर्यटन नगरी जंजैहली में 15 सेंटीमीटर और थुनाग बाजार में 10 सेंटीमीटर बर्फ रिकॉर्ड की गई।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नीतीश शर्मा ने बताया कि कांढा में पहले से जेसीबी तैनात थी जो बर्फ हटाने का काम शुरू कर चुकी है। उन्होंने बताया कि जंजैहली से रायगढ़ की तरफ पांच किलोमीटर, जंजैहली से मगरुगला छह किलोमीटर, छतरी से बिलागाड़ सात किलोमीटर, जंजैहली से रेशन, बिलागाड़ से गाड़ागुशैण, लंबाथाच से चिऊणी और कलहणी सड़कों को खोलने के लिए 14 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। कांढ़ा से पंडोह, बगस्याड़ से शिकावरी और केलोधार से पटिकरी सड़कों को बहाल कर दिया गया है।
उधर, एसडीएम संजीत शर्मा ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को भी भारी बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
बिजली व्यवस्था ठप
बर्फबारी ने बिजली आपूर्ति पर भी असर डाला। 33 केवी गोहर लाइन बाधित होने से सराज उपमंडल के सभी 233 ट्रांसफार्मर बंद हो गए थे। विद्युत मंडल गोहर के अधिशासी अभियंता सुमित चौहान ने बताया कि दिनभर बिजली बहाली का काम युद्धस्तर पर जारी रहा। अब मात्र 27 ट्रांसफार्मर को बहाल करने का काम शेष रह गया है। जल्द ही उन्हें बहाल कर दिया जाएगा।
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इस बर्फबारी से सराज घाटी का संपर्क शेष दुनिया से कट गया है। तापमान माइनस में पहुंच गया, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ गया। हालांकि, यह बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए वरदान साबित हुई है। जमीन में नमी बनी रहेगी, जो फसलों के लिए फायदेमंद है। खासकर सेब बहुल इलाकों जैसे जंजैहली, बगस्याड़ और संगलवाड़ा में बागानों को चिलिंग ऑवर्स पूरे होने की संभावना बढ़ गई है, जो सेब उत्पादन के लिए आवश्यक है।
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प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में बुधवार को एक दिन का अवकाश रखा। हालांकि स्कूलों में पहले से विंटर वेकेशन चल रही हैं। कांढा में 12 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी के कारण चैल-जंजैहली मुख्य मार्ग बंद हो गया था। इसे दोपहर बाद छोटे वाहनों के लिए जंजैहली तक बहाल कर दिया गया है। पर्यटन नगरी जंजैहली में 15 सेंटीमीटर और थुनाग बाजार में 10 सेंटीमीटर बर्फ रिकॉर्ड की गई।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नीतीश शर्मा ने बताया कि कांढा में पहले से जेसीबी तैनात थी जो बर्फ हटाने का काम शुरू कर चुकी है। उन्होंने बताया कि जंजैहली से रायगढ़ की तरफ पांच किलोमीटर, जंजैहली से मगरुगला छह किलोमीटर, छतरी से बिलागाड़ सात किलोमीटर, जंजैहली से रेशन, बिलागाड़ से गाड़ागुशैण, लंबाथाच से चिऊणी और कलहणी सड़कों को खोलने के लिए 14 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। कांढ़ा से पंडोह, बगस्याड़ से शिकावरी और केलोधार से पटिकरी सड़कों को बहाल कर दिया गया है।
उधर, एसडीएम संजीत शर्मा ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को भी भारी बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
बिजली व्यवस्था ठप
बर्फबारी ने बिजली आपूर्ति पर भी असर डाला। 33 केवी गोहर लाइन बाधित होने से सराज उपमंडल के सभी 233 ट्रांसफार्मर बंद हो गए थे। विद्युत मंडल गोहर के अधिशासी अभियंता सुमित चौहान ने बताया कि दिनभर बिजली बहाली का काम युद्धस्तर पर जारी रहा। अब मात्र 27 ट्रांसफार्मर को बहाल करने का काम शेष रह गया है। जल्द ही उन्हें बहाल कर दिया जाएगा।