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Mandi News: बढ़ती आबादी के दबाव में दम तोड़ती सीवरेज व्यवस्था

Mon, 20 Jul 2026 12:54 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:54 AM IST
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Sewerage system buckling under the pressure of a growing population
शहर में सीवरेज चैंबर अवरुद्ध होने से रोजाना खुले में बह रही गंदगी
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1992 में बनी योजना में तंग पाइपलाइन 35 वर्ष बाद होने लगी अवरुद्ध
जल शक्ति विभाग जनहित के लिए नहीं कर रहा योजना में बदलाव
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहर में नए गृह निर्माण के बाद लोग विभागीय अनुमति के बिना निजी मिस्त्रियों की मदद से सीवरेज कनेक्शन ले रहे हैं। जल्दबाजी में किए जा रहे इन कार्यों के दौरान कई बार चैंबर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और बचा हुआ मलबा व अन्य अवशेष उसी में छोड़ दिए जाते हैं। इससे चैंबर अवरुद्ध होने के कारण गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल शक्ति विभाग ने सीवरेज व्यवस्था के रखरखाव का कार्य ठेके पर दे रखा है। शिकायत मिलने पर ठेकेदार के कर्मचारी चैंबर बहाली का काम करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती आबादी के कारण शहर में नई सीवरेज लाइन बिछाना समय की मांग बन गई है। उन्होंने बताया कि घरों में रहने वाले किरायेदारों, होटलों में ठहरने वाले यात्रियों और प्रवासी लोगों की ओर से गंदे कपड़े, सैनेटरी पैड और अन्य कूड़ा-कचरा शौचालयों में फेंका जा रहा है, जिससे सीवरेज चैंबर बार-बार अवरुद्ध हो रहे हैं। वर्ष 1992 में मंडी शहर के लिए बनाई गई सीवरेज योजना के तहत मात्र छह इंच चौड़ी पाइप लाइन बिछाई गई थी। करीब 35 साल बाद यह व्यवस्था लगभग 45 हजार की आबादी के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि सीवरेज कनेक्शन लेने से पहले विभागीय स्वीकृति लेना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति कनेक्शन लेता पाया जाता है तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जल शक्ति विभाग को चाहिए कि नए कनेक्शन विभागीय मिस्त्री और कर्मचारियों की देखरेख में ही दिए जाएं, ताकि चैंबर में मलबा, पत्थर और मिट्टी जमा न हो और सीवरेज व्यवस्था अवरुद्ध होने से बच सके। -अशोक राणा, महाजन बाजार, मंडी
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मंडी शहरी क्षेत्र में सीवरेज निकासी के लिए बिछाई गई छह इंच चौड़ी पाइपलाइन अब पर्याप्त नहीं है। हर दूसरे-तीसरे दिन सीवरेज चैंबर अवरुद्ध होने से राहगीरों और रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। -इंद्रपाल, निवासी रविनगर, मंडी
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1992 में बनाई गई सीवरेज योजना आज बढ़ती आबादी के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। शहर में आए दिन चैंबर अवरुद्ध होने से गंदगी सड़कों और रास्तों पर बह रही है। चैंबरों के समीप पेयजल लाइनें होने के कारण जलजनित रोगों का खतरा भी बना हुआ है। -पुष्पराज कात्यायन, निवासी समखेतर, मंडी
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