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हर ग्रीष्मकालीन स्कूल का बनेगा रिपोर्ट कार्ड
ब्यूरो, अमर उजाला/मंडी
Updated Fri, 13 Nov 2015 09:57 PM IST
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मंडी। शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण सुधार लाने के उद्देश्य से मंडी जिले में प्रथम संस्था के सहयोग से उड़ान अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत जिला ग्रीष्मकालीन स्कूलों के रिपोर्ट कार्ड बनाए जाएंगे। इसमें तीसरी, चौथी व पांचवीं कक्षा के बच्चों को सीखने व उनका वर्तमान स्तर बताया जाएगा। रिपोर्ट कार्ड संबंधित स्कूल को भी दिया जाएगा।
जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर को सुधारने के लिए उड़ान अभियान के तहत कमाल विधि से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। जेबीटी के करीब 180 प्रशिक्षुओं ने जिलाभर के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में जाकर बेसलाइन सर्वे कर बच्चों के सीखने का स्तर और वर्तमान स्थिति का पता लगाया है। इनमें भाषा में अक्षर, शब्द, पैरा, स्टोरी स्तर और गणित में अंक, गिनती, जमा, घटाव, गुणा, भाग का स्तर शामिल है। इसी बेस लाइन सर्वे के आधार पर स्कूल का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चे वर्तमान में किस स्तर पर हैं, इसके बारे में बताया जाएगा, जबकि एंड लाइन सर्वे में बच्चे किस स्तर पर पहुंचे हैं, इसके बारे में बताया जाएगा।
16 से 20 नवंबर को खंड स्तर पर उड़ान अभियान के तहत होने वाली कार्यशाला के तहत शिक्षकों को उनके स्कूल के बच्चों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा। कमाल विधि से पढ़ाई शुरू होने के बाद हर सप्ताह मॉनीटरिंग की जाएगी और प्रोग्रेस भी जांची जाएगी।
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इधर, डाइट मंडी के प्रशिक्षण कार्यक्रम समन्वयक तिलकराज ने बताया कि उड़ान अभियान के तहत किए गए बेसलाइन सर्वे से हर स्कूल का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट कार्ड को स्कूल में बताया जाएगा और इसमें सुधार करने के लिए बच्चों को कमाल विधि से पढ़ाई जाएगा। फरवरी में एंड लाइन सर्वे के माध्यम से बच्चे के सीखने के स्तर में बढ़ोतरी का पता लगाया जाएगा।
बॉक्स
उड़ान अभियान के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर को ऊंचा करने का प्रयास किया जा रहा है। खंड स्तर पर प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद स्कूल स्तर पर अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान की मॉनीटरिंग भी की जाएगी और प्रोग्रेस रिपोर्ट भी ली जाएगी।
-हेमंत शर्मा, प्रधानाचार्य डाइट मंडी।
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जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर को सुधारने के लिए उड़ान अभियान के तहत कमाल विधि से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। जेबीटी के करीब 180 प्रशिक्षुओं ने जिलाभर के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में जाकर बेसलाइन सर्वे कर बच्चों के सीखने का स्तर और वर्तमान स्थिति का पता लगाया है। इनमें भाषा में अक्षर, शब्द, पैरा, स्टोरी स्तर और गणित में अंक, गिनती, जमा, घटाव, गुणा, भाग का स्तर शामिल है। इसी बेस लाइन सर्वे के आधार पर स्कूल का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चे वर्तमान में किस स्तर पर हैं, इसके बारे में बताया जाएगा, जबकि एंड लाइन सर्वे में बच्चे किस स्तर पर पहुंचे हैं, इसके बारे में बताया जाएगा।
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16 से 20 नवंबर को खंड स्तर पर उड़ान अभियान के तहत होने वाली कार्यशाला के तहत शिक्षकों को उनके स्कूल के बच्चों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा। कमाल विधि से पढ़ाई शुरू होने के बाद हर सप्ताह मॉनीटरिंग की जाएगी और प्रोग्रेस भी जांची जाएगी।
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इधर, डाइट मंडी के प्रशिक्षण कार्यक्रम समन्वयक तिलकराज ने बताया कि उड़ान अभियान के तहत किए गए बेसलाइन सर्वे से हर स्कूल का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट कार्ड को स्कूल में बताया जाएगा और इसमें सुधार करने के लिए बच्चों को कमाल विधि से पढ़ाई जाएगा। फरवरी में एंड लाइन सर्वे के माध्यम से बच्चे के सीखने के स्तर में बढ़ोतरी का पता लगाया जाएगा।
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उड़ान अभियान के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर को ऊंचा करने का प्रयास किया जा रहा है। खंड स्तर पर प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद स्कूल स्तर पर अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान की मॉनीटरिंग भी की जाएगी और प्रोग्रेस रिपोर्ट भी ली जाएगी।
-हेमंत शर्मा, प्रधानाचार्य डाइट मंडी।