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Mandi News: फोरलेन से सात मीटर की दूरी पर बना सकेंगे रिहायशी मकान

Tue, 22 Apr 2025 11:52 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Apr 2025 11:52 PM IST
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Residential houses can be built at a distance of seven meters from the four-lane
पधर (मंडी)। निर्माणाधीन पठानकोट-मंडी फोरलेन के तहत पधर से बिजणी तक टीसीपी नियम लागू होने के बाद भू-मालिकों में आक्रोश है। टीसीपी के तहत फोरलेन से दोनों तरफ 100-100 मीटर में निर्माण और जमीन खरीदने को लेकर मंगलवार को जिला नगर एवं ग्राम नियोजन अधिकारी इंजीनियर प्रदीप ठाकुर ने स्थिति स्पष्ट की।
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उन्होंने कहा कि एनएचएआई की ओर से अधिग्रहित भूमि के बाहर पांच मीटर जमीन मकान मालिक की है, लेकिन सुरक्षा मानकों को मद्देनजर रखते हुए एनएचएआई उस पांच मीटर जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण करने का अधिकार नहीं देती ताकि जरूरत पड़ने पर जमीन ली जा सके। इस पांच मीटर जमीन के बाद की भूमि टीसीपी के अधीन है। इसमें टीसीपी सुरक्षा मानकों, पानी के पाइप, सीवरेज लाइन, बिजली की लाइन और रास्ते को देखते हुए कंट्रोल बिडथ के बाहर दो मीटर की भूमि पर निर्माण की अनुमति नहीं देती है।
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कहा कि सात मीटर के बाद भूमि पर रिहायशी और व्यावसायिक निर्माण किए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए टीसीपी से अनुमति लेना जरूरी है। पुश्तैनी मालिकों को 600 वर्ग मीटर तक रिहायशी या 200 वर्ग मीटर की तीन मंजिला और 100 वर्ग मीटर तक व्यावसायिक निर्माण के लिए टीसीपी से अनुमति की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानीय पंचायत में ही अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। यदि निर्माण इससे बड़ा है तो टीसीपी से अनुमति की आवश्यकता है। इस दौरान फोरलेन समन्वय समिति कुन्नू के अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर भी मौजूद रहे।
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आधे-अधूरे घर में नहीं कर सकते बदलाव
इंजीनियर प्रदीप ठाकुर ने कहा कि जो घर एनएचएआई की ओर से आधे अधूरे लिए हैं, उनकी केवल मात्र मरम्मत की जा सकती है। उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव या ऊपर निर्माण नहीं किया जा सकता। इस प्रकार के किसी निर्माण की कोई अनुमति नहीं होगी, जो कोई निर्माण करेगा वह अवैध होगा। बिना किसी मुआवजा के भविष्य में तोड़ा जा सकता है।

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जमीन की खरीद फरोख्त के लिए अनुमति जरूरी
इंजीनियर प्रदीप ने स्पष्ट किया है जमीन की खरीद फरोख्त में टीसीपी से अनुमति लेना जरूरी है। इसमें खरीदने वाले और बेचने वाले दोनों को अपना आशय स्पष्ट करना होगा कि क्यों बेच रहा और खरीदने वाला व्यक्ति भी स्पष्ट करेगा कि किस उद्देश्य से भूमि ले रहा है। इसके बाद ही टीसीपी उचित होने पर अनुमति प्रदान करेगा।
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