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राहत : जोनल अस्पताल के दो स्त्री रोग विशेषज्ञ लौटे
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मंडी जोनल अस्पताल के गायनी ओपीडी में डौक्टर के आ जाने से उमडी़ भीड संवाद
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में दो स्त्री रोग विशेषज्ञों ने छुट्टियों के बाद अपना कार्यभार संभाल लिया है। इससे गर्भवती महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। इसी के साथ ओपीडी, ऑपरेशन और आईपीडी सेवा भी बहाल हो गई है। अब महिलाओं को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक और निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। जोनल अस्पताल मंडी में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात हैं, लेकिन एक डॉक्टर प्रशिक्षण पर चले गए हैं और दो अन्य डॉक्टर पिछले कुछ दिन से छुट्टी पर चले गए थे। ऐसे में जोनल अस्पताल मंडी में स्त्री रोग विशेषज्ञ की सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ गई थी।
गर्भवती महिलाओं को इससे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी और उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक जाना पड़ रहा था। अधिकतर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज पर भी इस कारण अधिक दबाव पड़ गया था। बीते मंगलवार को डाॅ. तनु ने अवकाश के बाद अपना कार्यभार संभाल लिया था जबकि वीरवार को डाॅ. उषा ने भी अपनी डयूटी संभाल ली है। इससे अब जोनल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी और आईपीडी की सेवाएं सुचारू रूप से शुरू हो गई हैं।
300 के करीब रोजाना गायनी ओपीडी
जोनल अस्पताल मंडी पर मंडी सदर, पधर, जोगिंद्रनगर, सराज और कुल्लू जिला के अधिकतर हिस्से की आबादी निर्भर है। दूरदराज क्षेत्रों के लोग अपना उपचार करवाने यहां आते हैं। गायनी ओपीडी यहां रोजाना औसतन 300 से अधिक रहती है।
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जोनल अस्पताल मंडी के एमएस डाॅ. डीएस वर्मा ने बताया कि मेडिकल अवकाश के बाद दोेनों स्त्री रोग विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। इससे मातृ एवं शिशु अस्पताल में स्त्री रोग से संबधित सभी सेवाएं मरीजों को मिलना शुरू हो गई है। अस्पताल प्रबंधन मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।
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गर्भवती महिलाओं को इससे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी और उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक जाना पड़ रहा था। अधिकतर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज पर भी इस कारण अधिक दबाव पड़ गया था। बीते मंगलवार को डाॅ. तनु ने अवकाश के बाद अपना कार्यभार संभाल लिया था जबकि वीरवार को डाॅ. उषा ने भी अपनी डयूटी संभाल ली है। इससे अब जोनल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी और आईपीडी की सेवाएं सुचारू रूप से शुरू हो गई हैं।
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300 के करीब रोजाना गायनी ओपीडी
जोनल अस्पताल मंडी पर मंडी सदर, पधर, जोगिंद्रनगर, सराज और कुल्लू जिला के अधिकतर हिस्से की आबादी निर्भर है। दूरदराज क्षेत्रों के लोग अपना उपचार करवाने यहां आते हैं। गायनी ओपीडी यहां रोजाना औसतन 300 से अधिक रहती है।
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जोनल अस्पताल मंडी के एमएस डाॅ. डीएस वर्मा ने बताया कि मेडिकल अवकाश के बाद दोेनों स्त्री रोग विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। इससे मातृ एवं शिशु अस्पताल में स्त्री रोग से संबधित सभी सेवाएं मरीजों को मिलना शुरू हो गई है। अस्पताल प्रबंधन मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।