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Mandi News: जोगिंद्रनगर राज्य स्तरीय देवता मेले के डिफाल्टरों से रिकवरी करेगा प्रशासन
Thu, 29 Feb 2024 01:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 29 Feb 2024 01:02 AM IST
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जोगिन्द्रनगर राज्य स्तरीय लघु शिवरात्री देवता मेले की पहली बैठक की अध्यक्षता करते एसडीए मनीश चौ
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में पूर्व में हुए राज्य स्तरीय लघु शिवरात्रि देवता मेले में लाखों रुपये की धनराशि की रिकवरी प्रशासन डिफाल्टरों से करेगा। नीलामी प्रक्रिया में ब्लैक लिस्ट हुए ठेकेदारों को भी अधिमान नहीं दिया जाएगा। मेले के सफल आयोजन को लेकर बुधवार को बैठक हुई। बैठक में विभिन्न मसलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मेला समिति के चेयरमैन एवं एसडीएम मनीश चौधरी ने कहा कि हर गतिविधि पर खर्च होने वाली धनराशि में पारदर्शिता बरती जाएगी। पिछले साल देवता मेले के दौरान पहुंचे बड़े कारोबारियों ने नीलामी प्रक्रिया में आवंटित धनराशि को चुकाने में अनियमितताएं बरती हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्राचार शुरू कर दिया है।पिछले साल देवता मेले में अनुमानित 55 लाख की आमदनी हुई थी, जबकि खर्चा 57 लाख रुपये हुआ था।
उन्होंने कहा कि डिफाल्टरों से रिकवरी न होने से मौजूदा समय में मेला समिति का खजाना खाली है। ऐसे में सफल आयोजन के लिए धन एकत्रित करने के लिए इस बार भी विभिन्न संसाधनों के अलावा डोम, झूला और प्लाटों की नीलामी कर आमदनी जुटाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देव समाज की परंपरा का निर्वहन करते हुए धार्मिक श्रद्धा व रीति के साथ पांच दिवसीय देवता मेला मनाया जाएगा। पंजीकृत 120 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया जाएगा। मेले में शिरकत करने वाले देवलुओं के ठहरने और भोजन की उचित व्यवस्था भी की जाएगी। स्वच्छता का जिम्मा नगर परिषद जबकि पेयजल, बिजली के पुख्ता प्रबंधों की जिम्मेवारी जल शक्ति विभाग व बिजली बोर्ड को सौंपी गई है।
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रामलीला मैदान में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
एसडीएम मनीश चौधरी ने बताया कि रामलीला मैदान में राज्य स्तरीय मेले के दौरान चार सांस्कृतिक संध्याएं होंगी। इसमें स्थानीय कलाकारों को अधिमान दिया जाएगा। महिलाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद गतिविधियां भी होंगी। मेले की स्मारिका प्रकाशित की जाएगी। मेले में देवताओं के नजराने को बढ़ाने पर संबंधित समिति के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। राज्य स्तरीय देवता मेले की पहली शोभायात्रा एक अप्रैल जबकि पांच अप्रैल को भी देव अगुवाई में शोभायात्रा के साथ समापन होगा।
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मेला समिति के चेयरमैन एवं एसडीएम मनीश चौधरी ने कहा कि हर गतिविधि पर खर्च होने वाली धनराशि में पारदर्शिता बरती जाएगी। पिछले साल देवता मेले के दौरान पहुंचे बड़े कारोबारियों ने नीलामी प्रक्रिया में आवंटित धनराशि को चुकाने में अनियमितताएं बरती हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्राचार शुरू कर दिया है।पिछले साल देवता मेले में अनुमानित 55 लाख की आमदनी हुई थी, जबकि खर्चा 57 लाख रुपये हुआ था।
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उन्होंने कहा कि डिफाल्टरों से रिकवरी न होने से मौजूदा समय में मेला समिति का खजाना खाली है। ऐसे में सफल आयोजन के लिए धन एकत्रित करने के लिए इस बार भी विभिन्न संसाधनों के अलावा डोम, झूला और प्लाटों की नीलामी कर आमदनी जुटाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देव समाज की परंपरा का निर्वहन करते हुए धार्मिक श्रद्धा व रीति के साथ पांच दिवसीय देवता मेला मनाया जाएगा। पंजीकृत 120 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया जाएगा। मेले में शिरकत करने वाले देवलुओं के ठहरने और भोजन की उचित व्यवस्था भी की जाएगी। स्वच्छता का जिम्मा नगर परिषद जबकि पेयजल, बिजली के पुख्ता प्रबंधों की जिम्मेवारी जल शक्ति विभाग व बिजली बोर्ड को सौंपी गई है।
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रामलीला मैदान में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
एसडीएम मनीश चौधरी ने बताया कि रामलीला मैदान में राज्य स्तरीय मेले के दौरान चार सांस्कृतिक संध्याएं होंगी। इसमें स्थानीय कलाकारों को अधिमान दिया जाएगा। महिलाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद गतिविधियां भी होंगी। मेले की स्मारिका प्रकाशित की जाएगी। मेले में देवताओं के नजराने को बढ़ाने पर संबंधित समिति के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। राज्य स्तरीय देवता मेले की पहली शोभायात्रा एक अप्रैल जबकि पांच अप्रैल को भी देव अगुवाई में शोभायात्रा के साथ समापन होगा।