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Mandi News: स्कूलों में हो गईं बरसात की छुट्टियां, अभी भी नहीं मिले वर्दी के 600 रुपये
Sun, 23 Jun 2024 06:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 23 Jun 2024 06:14 AM IST
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मंडी। जिला मंडी के सरकारी स्कूलों में बरसात के अवकाश भी शुरू हो गए, मगर सरकार विद्यार्थियों को वर्दी के लिए अभी तक 600 रुपये की राशि जारी नहीं कर सकी है। वर्दी के लिए पैसे जारी न होने से गरीब तबके के अभिभावकों और विद्यार्थियों में रोष है। पहले चुनाव के दौरान क्यास लगाए जा रहे थे कि आचार संहिता हटने के बाद भी यह राशि बच्चों के खातों में डाली दी जाएगी, मगर ऐसा हुआ नहीं और स्कूलों में बरसात की छुट्टियां शुरू हो गईं।
अप्रैल में स्कूलों का नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ था। इस बार नया ड्रेस कोड स्कूलों में जारी किया गया है। करीब 90 प्रतिशत अभिभावको ने अपने बच्चों को स्कूलों के आदेशों पर नई वर्दी सिलवा दी या रेडिमेड खरीद ली। बच्चों को नई वर्दी में स्कूल भेजा, मगर 10 प्रतिशत गरीब तबके के विद्यार्थी अभी भी पुरानी वर्दी में स्कूल आने के लिए विवश हैं।
इन बच्चों के साथ ही अभिभावक भी बेसब्री से वर्दी के लिए सरकार की ओर से दिए जाने वाले इन 600 रुपये का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में करीब 10 प्रतिशत बच्चे अभी भी पुरानी वर्दी में ही आने को विवश रहे और अन्य छात्र छात्राओं को नई वर्दी में देखकर उनमें एक हीन भावना होना स्वाभाविक है।
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बता दें कि इस समय वर्दी का खर्च 1000 से लेकर 1500 रुपये आ रहा है। इसमें वर्दी, टाई, बेल्ट शामिल है। ऐसे में बहुत से गरीब तबके के लोग यह वर्दी खरीदने में समर्थ नहीं हैं। बता दें कि पिछले एक साल से यह राशि विद्यार्थियों को नहीं मिल पाई है और अब स्कूलों में अवकाश भी हो गए हैं।
उधर, इस बारे में शिक्षा उपनिदेशक उच्च सुशील कुमार ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के चलते वर्दी के पैसे नहीं मिले थे। अब जल्द ही सरकार से यह राशि मिलने की उम्मीद है।
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अप्रैल में स्कूलों का नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ था। इस बार नया ड्रेस कोड स्कूलों में जारी किया गया है। करीब 90 प्रतिशत अभिभावको ने अपने बच्चों को स्कूलों के आदेशों पर नई वर्दी सिलवा दी या रेडिमेड खरीद ली। बच्चों को नई वर्दी में स्कूल भेजा, मगर 10 प्रतिशत गरीब तबके के विद्यार्थी अभी भी पुरानी वर्दी में स्कूल आने के लिए विवश हैं।
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इन बच्चों के साथ ही अभिभावक भी बेसब्री से वर्दी के लिए सरकार की ओर से दिए जाने वाले इन 600 रुपये का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में करीब 10 प्रतिशत बच्चे अभी भी पुरानी वर्दी में ही आने को विवश रहे और अन्य छात्र छात्राओं को नई वर्दी में देखकर उनमें एक हीन भावना होना स्वाभाविक है।
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बता दें कि इस समय वर्दी का खर्च 1000 से लेकर 1500 रुपये आ रहा है। इसमें वर्दी, टाई, बेल्ट शामिल है। ऐसे में बहुत से गरीब तबके के लोग यह वर्दी खरीदने में समर्थ नहीं हैं। बता दें कि पिछले एक साल से यह राशि विद्यार्थियों को नहीं मिल पाई है और अब स्कूलों में अवकाश भी हो गए हैं।
उधर, इस बारे में शिक्षा उपनिदेशक उच्च सुशील कुमार ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के चलते वर्दी के पैसे नहीं मिले थे। अब जल्द ही सरकार से यह राशि मिलने की उम्मीद है।