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Mandi News: प्राथमिक स्कूलों को विद्युत और इंटरनेट के लिए अगल से मिले ग्रांट

Thu, 24 Jul 2025 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Thu, 24 Jul 2025 11:53 PM IST
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Primary schools should get separate grants for electricity and internet
मंडी। प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों को सरकार की ओर से बिजली बिलों के भुगतान और इंटरनेट के उपयोग को लेकर कोई भी ग्रांट जारी नहीं की जा रही है, जिससे शिक्षकों को स्कूलों को सुचारू रूप से चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ चौंतड़ा-1 ने बिजली के बिल और इंटरनेट के लिए ग्रांट जारी करने के लिए आवाज बुलंद की है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ चौंतड़ा प्रथम के अध्यक्ष कपिल राव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के स्कूलों को समग्र शिक्षा अभियान के तहत कंपोजिट स्कूल ग्रांट प्रदान की जाती है। इसमें नामांकन के अनुसार 1 से 30 विद्यार्थियों वाले स्कूलों को 10 हजार और 31 से 100 विद्यार्थियों वाले स्कूलों को 25 हजार की वार्षिक धनराशि दी जाती है।
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कपिल राव ने कहा कि विभाग की ओर से स्मार्ट टीवी तो प्रदान किए गए हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए आवश्यक इंटरनेट की व्यवस्था प्राथमिक शिक्षक अपने निजी खर्च पर कर रहे हैं। यह अनुचित है। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर सभी राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को भी अलग से बिजली और इंटरनेट ग्रांट प्रदान की जाए।
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उन्होंने चिंता जताई है कि स्कूलों का प्रतिवर्ष 5 से 7 हजार तक का बिजली बिल इसी ग्रांट से अदा किया जाता है, जिससे स्कूलों के पास रखरखाव और अन्य विकासात्मक कार्यों के लिए बहुत कम धनराशि बचती है। जहां 30 या उससे कम बच्चों का नामांकन है, उन स्कूलों को 4 से 5 हजार रुपये में पूरे वर्ष की व्यवस्था कैसे करनी है, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

वहीं 31 से 100 बच्चों वाले स्कूलों में अपेक्षाकृत बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर होता है और छात्रों की संख्या भी अधिक होती है, ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के लिए 25 हजार की राशि भी अपर्याप्त साबित हो रही है। यदि इसी में से 8 से 10 हजार तक की राशि केवल बिजली बिल में खर्च हो जाए तो परिणामस्वरूप स्कूलों में टूटे-फूटे फर्नीचर, फटे हाल कक्षाएं और प्लास्टर उखड़ने जैसी स्थिति देखने को मिलती है।
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