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Mandi News: जोगिंद्रनगर से सुगमता केंद्र शिफ्ट करने पर भड़के राजनीतिक दल
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13 अगस्त को धरने का एलान, एक सप्ताह में फैसला वापस लेने की मांग
सोलन स्थानांतरण की अधिसूचना के विरोध में भाजपा-कांग्रेस-माकपा और व्यापार मंडल एक मंच पर
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर से उत्तर भारत के सुगमता केंद्र को सोलन स्थानांतरित करने की अधिसूचना के विरोध में शनिवार को भाजपा, कांग्रेस और माकपा नेताओं सहित व्यापार मंडल व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो 13 अगस्त को जोगिंद्रनगर में धरना दिया जाएगा।
बैठक में कहा गया कि केंद्र पिछले आठ वर्षों से आयुष क्षेत्र में कार्य कर रहा है और सात राज्यों के करीब 25 हजार किसानों को इसका लाभ मिल चुका है। संस्थान की स्थापना के समय जोगिंद्रनगर का चयन कई कसौटियों पर किया गया था। इसके लिए उत्तर भारत के 50 से अधिक संस्थानों ने आवेदन किया था। करीब 125 बीघा भूमि, भवन, प्रयोगशाला, जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां इसके चयन का आधार बनी थीं।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि वर्षों से स्थापित व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों के बावजूद केंद्र को सोलन स्थानांतरित करने का औचित्य क्या है। व्यापार मंडल ने भी संघर्ष समिति के आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया। समिति ने सरकार और आयुष विभाग से स्थानांतरण का फैसला वापस लेने की मांग की है।
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बैठक में गुरु शरण परमार, पंकज जमवाल, जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज, रोटेरियन अजय ठाकुर, रामलाल वालिया, प्यार चंद महंत, अमर सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष भास्कर गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।
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सोलन स्थानांतरण की अधिसूचना के विरोध में भाजपा-कांग्रेस-माकपा और व्यापार मंडल एक मंच पर
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर से उत्तर भारत के सुगमता केंद्र को सोलन स्थानांतरित करने की अधिसूचना के विरोध में शनिवार को भाजपा, कांग्रेस और माकपा नेताओं सहित व्यापार मंडल व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो 13 अगस्त को जोगिंद्रनगर में धरना दिया जाएगा।
बैठक में कहा गया कि केंद्र पिछले आठ वर्षों से आयुष क्षेत्र में कार्य कर रहा है और सात राज्यों के करीब 25 हजार किसानों को इसका लाभ मिल चुका है। संस्थान की स्थापना के समय जोगिंद्रनगर का चयन कई कसौटियों पर किया गया था। इसके लिए उत्तर भारत के 50 से अधिक संस्थानों ने आवेदन किया था। करीब 125 बीघा भूमि, भवन, प्रयोगशाला, जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां इसके चयन का आधार बनी थीं।
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स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि वर्षों से स्थापित व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों के बावजूद केंद्र को सोलन स्थानांतरित करने का औचित्य क्या है। व्यापार मंडल ने भी संघर्ष समिति के आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया। समिति ने सरकार और आयुष विभाग से स्थानांतरण का फैसला वापस लेने की मांग की है।
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बैठक में गुरु शरण परमार, पंकज जमवाल, जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज, रोटेरियन अजय ठाकुर, रामलाल वालिया, प्यार चंद महंत, अमर सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष भास्कर गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।