मंडी। स्वर्णिम हिमाचल के तहत हिंदी पखवाड़े पर गुरु गोविंद सिंह गुरुद्वारा मंडी में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कवि सम्मेलन में जिला के 40 कवियों ने कविता पाठ किया। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने सभी साहित्यकारों का स्वागत किया। कवियों ने स्वर्णिम हिमाचल का गुणगान करते हुए व हिंदी भाषा के महत्व को दर्शाती हुई कविताएं प्रस्तुत कीं। वरिष्ठ कवयित्री रूपेश्वरी शर्मा ने हिमाचल की स्वर्णिम आभा का वर्णन कुछ इस तरह से किया... हिमाचल पूरे किए आज मैंने 50 स्वर्णिम बसंत। वहीं पर हरीप्रिया शर्मा ने अलगनी पर टंगे प्रश्न कविता प्रस्तुत की। इस अवसर पर साहित्यकार कवि मुरारी शर्मा ने अंडेमान दीप समूह के जारवा आदिवासियों के जीवन पर आधारित कविता जंगल के लोग सुनाई। उन्होंने कहा कि जंगल के लोग जानते हैं जीने का हुनर वे समझते हैं चिड़ियों की भाषा... जंगल भी उनकी संगत में हो जाता है गुलजार। वहीं पर पहाड़ी कवि विनोद गुलेरिया ने मंडयाली कविता 50 साला रा रागड़ा कविता सुनाई। इसके अलावा डॉ. मनोहार अनमोल, रीता कुमारी, धर्मी देवी, नीलम मेहता, चूड़ामणि बड़पगा, आशा ठाकुर, साहित्यकार संपादक डॉ. पीसी कौंडल ने भी कविता पाठ किया। वहीं सुरेंद्र पाल वैद्य, सारिका बोहरा व सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने कुदरत व प्रकृति से छेड़छाड़ करने के भयंकर दुष्परिणामों का वर्णन करती हुई कविताएं पेश की। श्याम लाल शर्मा, उत्तम चंद शर्मा के अलावा रतन लाल शर्मा ने मंडयाली कविताएं प्रस्तुत करके सबको हंसा-हंसा कर लोटपोट किया। युवा कवि सुनील शर्मा, लोकेंद्र ,अनिल महंत, बबीता चौहान, भुपाल सिंह ने पर्यावरण पर व शीतल ने हिंदी भाषा पर अपनी कविता सुनाई। किरण गुलेरिया ने सुनो मेरे हिमाचल की स्वर्णिम कहानी में मेरा हिमाचल प्यारा हिमाचल कविता सुनाई। इस अवसर पर नरेंद्र शर्मा, हरपिंद्र कौर, डॉ. राकेश कपूर, वरिष्ठ कवि जगदीश कपूर ने बेटी की महिमा व महत्व को दर्शाती कविता सुनाई। वहीं पर कृष्ण चंद महादेविया, पल्लवी, निर्मला चंदेल, भूपेंद्र सिंह, देवानंद ने काव्यपाठ में भाग लिया। वहीं पर लोकगायिका कृष्णा ठाकुर ने अपनी सुरीली आवाज में स्वर्णिम हिमाचल पर सुंदर गीत की प्रस्तुति देकर मंत्रमुग्ध किया। मशहूर शायर रवि राणा ने सुंदर गजल प्रस्तुत की। वहीं एडवोकेट समीर कश्यप ने शिक्षक वर्ग का सम्मान करती हुई कविता सुनाई।