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Mandi News: मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो चुनाव का बहिष्कार करेंगे पेंशनर
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विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम मंडी इकाई ने मासिक बैठक में लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम मंडी इकाई के पेंशनरों ने मांगों को गंभीरता से न लेने पर चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी प्रदेश सरकार को दी है। साथ ही मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से संज्ञान लेने की अपील की है। मांडव चेरिटेबल ट्रस्ट जेल रोड मंडी में सोमवार को यूनिट अध्यक्ष इंजीनियर राजेश बहल की अध्यक्षता में हुई विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम मंडी यूनिट की मासिक बैठक में इसका निर्णय लिया गया।
बैठक में सभी वक्ताओं ने बोर्ड प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार ने सभी पेंशनरों को 4 फीसदी डीए और फिक्सेशन का 15 फीसदी, 18 फीसदी, 20 फीसदी और 35 फीसदी के हिसाब से एरियर दे दिया है, लेकिन बोर्ड के पेंशनर्स को अभी तक इससे महरूम रखा गया है। 2016 से पहले जो पेंशनर्स सेवानिवृत्त हुए हैं, उनकी नेशनल पे फिक्सेशन अभी तक नहीं हुई है। इसके अलावा जो पेंशनर्स 2016 के बाद सेवानिृवत्त हुए हैं, उनकी कइयों की अभी तक फिक्सेशन भी नहीं हुई है और न ही उनके एरियर का पता है कि कुल कितना बना है और कितना बकाया है। कई पेंशनर्स के मेडिकल बिल लगभग एक साल से लंबित पड़े हैं। उनका भी समयानुसार भुगतान नहीं हो रहा है। 2 साल से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को न तो अभी तक ग्रेजुएटी, लीव इनकेशमैंट और न ही दूसरे लाभ मिले हैं। कइयों के तो पेंशन केस भी सेटल नहीं हुए हैं। इससे बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ पेंशनर्स में रोष है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अनुरोध किया है कि बोर्ड के पेंशनर्स की मांग और समस्याओं के बारे में खुद संज्ञान लें अन्यथा बोर्ड के पेंशनर्स धरना-प्रदर्शन के साथ चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे। बैठक में चंद्र सिंह मंडयाल, जितेंद्र वालिया, डीडी राणा, गजपाल सिंह मंडयाल, श्याम लाल शर्मा, महेंद्र सिंह गुलेरिया, पवन दीक्षित और महेश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम मंडी इकाई के पेंशनरों ने मांगों को गंभीरता से न लेने पर चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी प्रदेश सरकार को दी है। साथ ही मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से संज्ञान लेने की अपील की है। मांडव चेरिटेबल ट्रस्ट जेल रोड मंडी में सोमवार को यूनिट अध्यक्ष इंजीनियर राजेश बहल की अध्यक्षता में हुई विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम मंडी यूनिट की मासिक बैठक में इसका निर्णय लिया गया।
बैठक में सभी वक्ताओं ने बोर्ड प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार ने सभी पेंशनरों को 4 फीसदी डीए और फिक्सेशन का 15 फीसदी, 18 फीसदी, 20 फीसदी और 35 फीसदी के हिसाब से एरियर दे दिया है, लेकिन बोर्ड के पेंशनर्स को अभी तक इससे महरूम रखा गया है। 2016 से पहले जो पेंशनर्स सेवानिवृत्त हुए हैं, उनकी नेशनल पे फिक्सेशन अभी तक नहीं हुई है। इसके अलावा जो पेंशनर्स 2016 के बाद सेवानिृवत्त हुए हैं, उनकी कइयों की अभी तक फिक्सेशन भी नहीं हुई है और न ही उनके एरियर का पता है कि कुल कितना बना है और कितना बकाया है। कई पेंशनर्स के मेडिकल बिल लगभग एक साल से लंबित पड़े हैं। उनका भी समयानुसार भुगतान नहीं हो रहा है। 2 साल से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को न तो अभी तक ग्रेजुएटी, लीव इनकेशमैंट और न ही दूसरे लाभ मिले हैं। कइयों के तो पेंशन केस भी सेटल नहीं हुए हैं। इससे बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ पेंशनर्स में रोष है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अनुरोध किया है कि बोर्ड के पेंशनर्स की मांग और समस्याओं के बारे में खुद संज्ञान लें अन्यथा बोर्ड के पेंशनर्स धरना-प्रदर्शन के साथ चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे। बैठक में चंद्र सिंह मंडयाल, जितेंद्र वालिया, डीडी राणा, गजपाल सिंह मंडयाल, श्याम लाल शर्मा, महेंद्र सिंह गुलेरिया, पवन दीक्षित और महेश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

महाविद्यालय संगड़ाह में सफाई व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरें। संवाद

महाविद्यालय संगड़ाह में सफाई व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरें। संवाद

महाविद्यालय संगड़ाह में सफाई व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरें। संवाद
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