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मंडी में लंबित मांगों की अनदेखी से पेंशनर खफा
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी, पधर
Updated Wed, 18 Nov 2015 10:10 PM IST
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हिमाचल पेंशनर कल्याण संघ की मासिक बैठक में लंबित मांगों पर चर्चा की गई। संघ ने रोष जताया कि लंबे समय से वह अपनी मांगों की पैरवी प्रदेश सरकार से कर रहे हैं, लेकिन संघ की मांगों को अनदेखा किया जा रहा। संघ के प्रधान एमसी चौहान ने कहा कि संघ की मांगों के प्रति प्रदेश सरकार का रवैया नकारात्मक बना हुआ है। मुख्यमंत्री से मांग की है कि बार-बार उठाई जा रही मांगों को लेकर संघ को राहत प्रदान की जाए।
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उन्होंने कहा कि 65-70-75 वर्ष की आयु पार कर चुके पेंशनरों को दिए जाने वाला 5-10-15 फीसदी महंगाई भत्ता उनके मूल वेतन में मर्ज किया जाए। इससे सरकार के खजाने में कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। चिकित्सा भत्ता पांच सौ रुपये मासिक दिया जाए। पेंशनरों के चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए सभी विभागों को माकूल बजट मुहैया करवाया जाए। छह फीसदी डीए जुलाई महीने से देय है, इसकी घोषणा के साथ दो वर्ष के बाद एलटीसी की सुविधा के लिए दो वर्ष के उपरांत एक महीने की अतिरिक्त पेंशन का भुगतान पेंशनरों को किया जाए।
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संघ ने मांग की है कि करूणामूलक आधार पर प्रदेश में नौकरी को पुन: बहाल किया जाए और पेंशनरों के आश्रितों को नौकरी में आरक्षण दिया जाए। पेंशनर कल्याण संघ ने प्रदेश सरकार और सांसद रामस्वरूप शर्मा से केंद्र सरकार के अधीन नेशनल हाईवे मंडी जोगिंद्रनगर की हालत को सुधारने के लिए शीघ्र केंद्र सरकार से बजट मंजूर करवाने की भी मांग की है। बैठक को सतीश शर्मा, केडी शर्मा, प्रेम सिंह, भगत राम ठाकुर, प्रकाश चंद, कर्म सिंह, ढमेश्वर, भादर सिंह, बालम राम, खूब राम, खजाना राम, नागेंद्र कुमार, मोहन सिंह और महासचिव केसी नेगी आदि मौजूद रहे।
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