एक लाख 75 हजार की राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश
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मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 1,75,000 रुपये की राशि ब्याज सहित अदा करने का फैसला सुनाया है। इसके अलावा कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 10 हजार रुपये हर्जाना और 3000 रुपये शिकायत व्यय भी अदा करना होगा। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष पुरेंद्र वैद्य और सदस्यों विभूति शर्मा व आकाश शर्मा ने सोलन जिला की अर्की तहसील के बागा (कंधार) निवासी साधु राम पुत्र लोभी राम की शिकायत को उचित मानते हुए एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ बीमा कंपनी को यह राशि 9 प्रतिशत ब्याज दर सहित अदा करने का फैसला सुनाया है।
अधिवक्ता अभिषेक लखनपाल के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार कंपनी की ओर से उपभोक्ता को संपर्क करके एचडीएफसी वेल्थ प्लान बिल्डर स्कीम लेने को कहा गया। इस स्कीम के तहत उपभोक्ता को 2,50,000 रुपये की तीन किस्तें देनी थी और उन्हें 12,50,000 रुपये के लिए बीमाकृत किया जाना था। बुजुर्ग और कम शिक्षित होने तथा पॉलिसी का ज्ञान न होने के कारण उपभोक्ता ने तीन किस्तें जमा करवाते हुए 7,50,000 की राशि कंपनी को अदा की। बाद में उपभोक्ता को राशि की जरूरत पड़ने पर उन्होंने पालिसी को सरेंडर किया तो उन्हें कंपनी की ओर से मात्र 5,75,000 की राशि ही अदा की गई। ऐसे में उपभोक्ता ने कंपनी की धोखाधड़ी को भांपते हुए फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। उपभोक्ता के अधिवक्ता की ओर से फोरम में पैरवी करते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग चंडीगढ़ की ओर से दी गई व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि उपभोक्ता की सालाना आमदनी 3,60,000 रुपये है।
जबकि उपभोक्ता से 2,50,000 रुपये बतौर प्रीमियम ही वसूल कर लिया गया। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि आयोग के उपरोक्त मामले की व्यवस्था की तरह ही इस मामले के तथ्यों से जाहिर हुआ है कि उपभोक्ता के बुजुर्ग और कम शिक्षित होने के कारण कंपनी ने उन्हें यह पॉलिसी बेच कर धोखाधड़ी की है। कंपनी ने उपभोक्ता से 7,50,000 की राशि बतौर प्रीमियम ली थी। जबकि उन्हें 5,75,000 रुपये ही लौटाए गए। ऐसे में फोरम ने कंपनी को उपभोक्ता के प्रीमियम की बकाया 1,75,000 की राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा कंपनी की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई मानसिक यंत्रणा के बदले 10 हजार रुपये हर्जाना और तीन हजार रुपये शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया है।