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Mandi News: भटक रहे मरीज, नहीं मिल रहा योजना का लाभ
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नेरचौक मेडिकल कॉलेज
मंडी। निजी अस्पतालों के बाद अब मरीजों को प्रदेश के सरकारी संस्थानों में भी हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड का लाभ नहीं मिल रहा है। आईजीएमसी में जहां सभी मुफ्त हार्ट सर्जरी बंद हो गई वहीं, अब जिला मंडी के सबसे बड़े अस्पताल नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी मरीजों को इन कार्डों पर इलाज का लाभ नहीं मिल रहा। आलम यह है कि गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं में जिंदगी और मौत से लड़ रहे मरीजों को बचाने के लिए अब परिजनों को विपरीत हालातों में पैसों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। मुफ्त इलाज देने वाली योजनाओं के कार्ड बस प्लास्टिक के टुकड़े बनकर रह गए हैं। इनको चलाने से वेंडरों ने इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि अब तक जितना हो सकता था कर दिया, अब उनके हाथ खड़े हो गए हैं। जब तक उनको बकाया पैसा नहीं मिल जाता, वे जरूरी सामान और दवाइयों की सप्लाई नहीं करेंगे। इसके चलते गरीब मरीजों की जान पर बन आई है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डीके वर्मा का दावा है कि अस्पताल में सभी कार्ड चल रहे हैं और किसी का इलाज नहीं रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि, कुछ मामलों में भुगतान को लेकर समस्या आ रही है।
केस स्टडी वन-हटगढ़ के राहुल जो हाल ही में एक हादसे में घायल हुए हैं, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और परिजनों के आयुष्मान कार्ड दिखाने पर कहा गया कि यह नहीं चलेगा। इस पर परिजन पैसों के इंतजाम में जुटे हुए हैं। परिजनों ने इसके लिए सरकार के प्रति भारी रोष जताया है।
केस स्टडी टू- सुंदरनगर क्षेत्र से वृद्ध महिला के ऑपरेशन को लेकर जब परिजन संबंधित काउंटर पर गए तो वहां पर हिमकेयर कार्ड नहीं चलने का हवाला दिया गया। महिला को पिछले आठ दिन से इलाज नहीं मिल पा रहा है। परिजनों का कहना है कि ये कैसा सत्ता परिवर्तन है जिसमें स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल रहा है।
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क्या कहते हैं संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर
कार्ड के लिए दवाइयों और अन्य सामग्री सप्लाई करने वाले डिस्ट्रीब्यूटरों का कहना है कि रोजाना उनके पास कई मजबूर मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन अब कंपनी ने सभी ऑर्डर रोक दिए हैं। क्योंकि पिछले करोड़ों रुपये पेंडिंग हैं। ऐसे में अब हम दवाइयों और अन्य सामान की सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्हाेंने मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द पैसों की अदायगी की गुहार लगाई है।
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केस स्टडी वन-हटगढ़ के राहुल जो हाल ही में एक हादसे में घायल हुए हैं, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और परिजनों के आयुष्मान कार्ड दिखाने पर कहा गया कि यह नहीं चलेगा। इस पर परिजन पैसों के इंतजाम में जुटे हुए हैं। परिजनों ने इसके लिए सरकार के प्रति भारी रोष जताया है।
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केस स्टडी टू- सुंदरनगर क्षेत्र से वृद्ध महिला के ऑपरेशन को लेकर जब परिजन संबंधित काउंटर पर गए तो वहां पर हिमकेयर कार्ड नहीं चलने का हवाला दिया गया। महिला को पिछले आठ दिन से इलाज नहीं मिल पा रहा है। परिजनों का कहना है कि ये कैसा सत्ता परिवर्तन है जिसमें स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल रहा है।
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क्या कहते हैं संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर
कार्ड के लिए दवाइयों और अन्य सामग्री सप्लाई करने वाले डिस्ट्रीब्यूटरों का कहना है कि रोजाना उनके पास कई मजबूर मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन अब कंपनी ने सभी ऑर्डर रोक दिए हैं। क्योंकि पिछले करोड़ों रुपये पेंडिंग हैं। ऐसे में अब हम दवाइयों और अन्य सामान की सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्हाेंने मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द पैसों की अदायगी की गुहार लगाई है।