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Mandi News: जल शक्ति विभाग के पैरा वर्करों ने मांगा सम्मानजनक मानदेय
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सुंदरनगर/ डैहर (मंडी)। जल शक्ति विभाग के पैरा वर्करों (मल्टी पर्पज, पंप ऑपरेटर, फिटर) ने सम्मानजनक वेतन प्रदान करने की मांग है। जल शक्ति विभाग के पैरा वर्कर संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमन ने कहा कि कर्मचारी जलापूर्ति करने में हर मुश्किल दौर में कार्य करते हैं।
अमन ने कहा कि इस दौरान कई युवाओं की जान भी चली गई है। मोर्चा ने ऐसी घटनाओं और मांगों पर चर्चा की और प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा। उन्होंने कहा कि जिला मंडी की कोटली के गांव बडयार से संबंध रखने वाले दीपक की मृत्यु आर्थिक तंगी में बीमारी के चलते 24 अक्तूबर को हो गई। इनके परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। इनके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है और परिवार में दीपक की मां और बहन हैं। कहा कि जिला मंडी के चांबी क्षेत्र के सुरजीत भी एक साल पहले नौकरी के दौरान अस्वस्थ होने के कारण संसार से विदा हो गए।
मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अमन ने कहा कि सरकार वर्तमान में वन मित्र आदि के रूप में नियुक्तियां कर रही है। इन्हें भी दस हजार से अधिक राशि दी जा रही है। इससे पहले पैरा वर्कर के रूप में नियुक्त किए गए युवाओं को मानदेय 5500 से 6000 रुपये मिल रहा है। इस राशि से गुजारा मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को प्रस्ताव भेज कर इस वर्ग की हालत को देखते हुए शीघ्र स्थायी नीति बनाने की मांग की है। संवाद
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अमन ने कहा कि इस दौरान कई युवाओं की जान भी चली गई है। मोर्चा ने ऐसी घटनाओं और मांगों पर चर्चा की और प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा। उन्होंने कहा कि जिला मंडी की कोटली के गांव बडयार से संबंध रखने वाले दीपक की मृत्यु आर्थिक तंगी में बीमारी के चलते 24 अक्तूबर को हो गई। इनके परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। इनके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है और परिवार में दीपक की मां और बहन हैं। कहा कि जिला मंडी के चांबी क्षेत्र के सुरजीत भी एक साल पहले नौकरी के दौरान अस्वस्थ होने के कारण संसार से विदा हो गए।
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मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अमन ने कहा कि सरकार वर्तमान में वन मित्र आदि के रूप में नियुक्तियां कर रही है। इन्हें भी दस हजार से अधिक राशि दी जा रही है। इससे पहले पैरा वर्कर के रूप में नियुक्त किए गए युवाओं को मानदेय 5500 से 6000 रुपये मिल रहा है। इस राशि से गुजारा मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को प्रस्ताव भेज कर इस वर्ग की हालत को देखते हुए शीघ्र स्थायी नीति बनाने की मांग की है। संवाद
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