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मेहमान परिंदों की अठखेलियों से गुलजार हुआ बीएसएल जलाशय
मंडी
Updated Tue, 01 Nov 2016 07:33 PM IST
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बीएसएल जलाशय में विचरण करते परिंदे।
- फोटो : अमर उजाला
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सुंदरनगर (मंडी)। सर्दियों के मौसम में जहां बाहरी राज्यों के पर्यटक प्रदेश की वादियों का लुत्फ उठाने के लिए आते है, वहीं विदेशी परिंदे भी इस मौसम में प्रदेश की विभिन्न झीलों में विचरण करते देखे जा सकते हैं। इसी तरह सुंदरनगर स्थित बीएसएल जलाशय में भी प्रतिवर्ष सर्दियों के मौसम में विदेशी परिंदे डेरा डालते हैं।
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सर्दियों का मौसम समाप्त होते ही यह परिंदें अपने मूल निवास के लिए प्रस्थान कर जाते हैं। इन दिनों सुंदरनगर स्थित बीएसएल जलाशय के अलावा विदेशी परिंदें रिवालसर की पवित्र झील, सरकीधार स्थित कुंतभ्यो झील तथा नेरचौक के नलसर स्थित झील में भी अपनी अठखेलियां करते हुए देखे जा सकते हैं। जहां इन परिंदों की खूबसूरती झीलों की सुंदरता को चार चांद लगा देती है। वहीं स्थानीय निवासी भी प्रतिवर्ष परिंदों का बेसब्री से इंतजार करते हैं। हर साल आने वाले इन परिंदों से अभी तक किसी प्रकार की बीमारी फैलने का कोई मामला सामने नहीं आया है। ऐसे में लोग इनके आवागमन को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त भी होते है। भारी संख्या में पहुंचने वाले इन परिंदों को स्थानीय लोग सर्दियों का मेहमान पुकारते हैं। हालांकि, कुछ लोग इन परिंदों का शिकार करने से भी बाज नहीं आते हैं। परंतु परिंदों के आते ही वन महकमा पूरी सक्रियता से इनकी सुरक्षा को लेेकर तत्पर रहता है।
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हजारों किलोमीटर दूर से उड़ान भरने वाले इन पक्षियों को जिला मंडी की झीलें सुहावनी लगती हैं। यही कारण है कि जिला की हर झील में आजकल इन पक्षियों को अठखेलियां करते हुए देखा जा सकता है। माना जाता है कि सुंदरनगर बीएसएल जलाशय में पहुंचने वाले अपेक्षाकृत छोटे आकार वाले पक्षी तिब्बत क्षेत्र से संबंध रखते हैं। जबकि नलसर, रिवालसर और कुंतभ्यो में आने वाले विदेशी परिंदे साइबेरिया के ठंडे इलाकों से आते हैं। इनके आने का सिलसिला अक्तूबर के अंत में शुरू हो जाता है। जलाशय की खूबसूरती को चार चांद लगा कर यह परिंदें मार्च-अप्रैल माह में अपने स्थायी ठिकानों की ओर रुखसत हो जाते हैं। डीएफओ सुंदरनगर एलसी वंदना ने बताया कि वन महकमा इन मेहमानों की सुरक्षा को लेकर सर्द मौसम में पूरी तरह से चौकन्ना रहता है। यह परिंदे हर साल तिब्बत और साइबेरिया से यहां पहुंचते हैं।
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