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Mandi News: पत्नी को दो हजार प्रतिमाह भरण-पोषण भत्ता देने के आदेश
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मंडी। अतिरिक्त प्रिंसिपल जज सरकाघाट की अदालत ने पत्नी को दो हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण भत्ता देने के आदेश दिए हैं। महिला ने अदालत में याचिका दायर कर 25 हजार रुपये गुजारा भत्ता देने की मांग की थी। अदालत ने याचिका आंशिक रूप से स्वीकार की।
दायर याचिका में 50 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि विवाह के शुरुआती वर्षों के बाद पति ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया। अब वह वृद्धावस्था में है और कोई आमदनी नहीं है। बच्चे भी अलग परिवार बसा चुके हैं। अदालत में 64 वर्षीय पति ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि पत्नी अलग रह रही है और पुराने घर का हिस्सा किराये पर देकर आय भी प्राप्त करती हैं। उन्होंने दावा किया कि वे पहले से ही पत्नी के खाते में एक हजार रुपये प्रति माह जमा कर रहे थे। वह अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और मात्र 16 हजार रुपये पेंशन प्राप्त करते हैं। बेटी की शादी में 15 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं, जिससे वह कर्ज में डूबे हैं।
अदालत ने माना कि पत्नी को पहले से ही तीन हजार रुपये प्रतिमाह घरेलू हिंसा मामले में मिल रहा है। इस पर विचार करते हुए अदालत ने अतिरिक्त दो हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण भत्ता का आदेश दिया। आदेश याचिका दायर करने की तारीख से लागू होगा। संवाद
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दायर याचिका में 50 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि विवाह के शुरुआती वर्षों के बाद पति ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया। अब वह वृद्धावस्था में है और कोई आमदनी नहीं है। बच्चे भी अलग परिवार बसा चुके हैं। अदालत में 64 वर्षीय पति ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि पत्नी अलग रह रही है और पुराने घर का हिस्सा किराये पर देकर आय भी प्राप्त करती हैं। उन्होंने दावा किया कि वे पहले से ही पत्नी के खाते में एक हजार रुपये प्रति माह जमा कर रहे थे। वह अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और मात्र 16 हजार रुपये पेंशन प्राप्त करते हैं। बेटी की शादी में 15 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं, जिससे वह कर्ज में डूबे हैं।
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अदालत ने माना कि पत्नी को पहले से ही तीन हजार रुपये प्रतिमाह घरेलू हिंसा मामले में मिल रहा है। इस पर विचार करते हुए अदालत ने अतिरिक्त दो हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण भत्ता का आदेश दिया। आदेश याचिका दायर करने की तारीख से लागू होगा। संवाद
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