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Mandi News: निचली अदालत से दोषी करार व्यक्ति को बरी करने के आदेश
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मंडी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एक मंडी की अपीलीय अदालत ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए दोषी चमन कुमार को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अपीलीय अदालत ने निचली अदालत की सुनाई सजा और दोषसिद्धि को रद्द कर दिया।
मामले के तथ्यों के अनुसार वर्ष 2014 में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि चमन कुमार ने उनके घर की निर्माणाधीन रसोई की दीवार धक्का देकर गिरा दी थी, जिससे उन्हें चोटें आईं। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया और 2019 में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी चच्योट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए छह माह कैद सजा सुनाई थी।
निचली अदालत से दोषी करार हुए चमन कुमार ने इस आदेश को चुनौती दी और अपील दायर की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि इस घटना को लेकर पहले से ही एक क्रॉस केस दर्ज था और जांच अधिकारी ने मामले की सही और निष्पक्ष जांच नहीं की। साथ ही यह भी कहा गया कि सभी गवाह शिकायतकर्ता के परिजन थे और किसी स्वतंत्र व्यक्ति का बयान नहीं लिया गया। अदालत ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर अदालत ने निचली अदालत का आदेश रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर दिया।
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मामले के तथ्यों के अनुसार वर्ष 2014 में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि चमन कुमार ने उनके घर की निर्माणाधीन रसोई की दीवार धक्का देकर गिरा दी थी, जिससे उन्हें चोटें आईं। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया और 2019 में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी चच्योट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए छह माह कैद सजा सुनाई थी।
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निचली अदालत से दोषी करार हुए चमन कुमार ने इस आदेश को चुनौती दी और अपील दायर की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि इस घटना को लेकर पहले से ही एक क्रॉस केस दर्ज था और जांच अधिकारी ने मामले की सही और निष्पक्ष जांच नहीं की। साथ ही यह भी कहा गया कि सभी गवाह शिकायतकर्ता के परिजन थे और किसी स्वतंत्र व्यक्ति का बयान नहीं लिया गया। अदालत ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर अदालत ने निचली अदालत का आदेश रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर दिया।
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