फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   officer punished

प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी को दस हजार कॉस्ट अदा करने के आदेश

Thu, 08 Dec 2016 06:50 PM IST
मंडी
मंडी Updated Thu, 08 Dec 2016 06:50 PM IST
विज्ञापन
officer punished
2000 note

मंडी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले के तहत हुई जांच में हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मंडी जिला के बालीचौकी क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे हॉट मिक्सर प्लांट को बंद करवाने में असफल रहने पर क्षेत्रीय अधिकारी को दोषी करार दिया है। बोर्ड ने ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के तहत उक्त क्षेत्रीय अधिकारी को याचिकाकर्ता के पक्ष में 10,000 रुपये बतौर कॉस्ट अदा करने का फैसला सुनाया है।  कॉस्ट की यह राशि तत्काल अदा न करने पर अधिकारी के वेतन से इसे काट लिया जाएगा।

विज्ञापन


नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति एमएस नांबियार, न्यायमूर्ति राघवेंद्रा एस राठौर और विशेषज्ञ सदस्य विक्रम सिंह सजवान की नई दिल्ली स्थित प्रिंसिपल बेंच ने मंडी जिला की बालीचौकी तहसील के सुधराणी (खलवाहण) निवासी संत राम की याचिका को स्वीकारते हुए यह फैसला सुनाया था। आरटीआई एक्टिविस्ट और खलवाहण वार्ड के जिप सदस्य संत राम ने बालीचौकी क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध रूप से चल रहे एक हॉट मिक्सर प्लांट को बंद करने के लिए विभिन्न विभागों को शिकायतें दी थी। लेकिन, विभागों की विफलता को देखते हुए उन्होंने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर करके इसे बंद करने की गुहार लगाई थी।
विज्ञापन


ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा था कि यह बहुत खेदजनक है कि बिना अनुमति से प्लांट चलाने के तथ्यों के बावजूद भी हिमाचल प्रदेश प्रदूषण बोर्ड ने इसे बंद करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। ट्रिब्यूनल ने इस मामले में प्लांट के मालिक के साथ प्रदूषण बोर्ड को भी अपने वैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन न करने के कारण जिम्मेवार माना था। ट्रिब्यूनल का कहना था कि अगर बोर्ड ने समय रहते प्लांट को बंद करने की कार्यवाही सुनिश्चित की होती तो याचिकाकर्ता को यह अपील दायर नहीं करनी पड़ती। ऐसे में ट्रिब्यूनल ने प्रदूषण बोर्ड को याचिकाकर्ता के पक्ष में 10 हजार रुपये की कॉस्ट अदा करने का फैसला सुनाते हुए कॉस्ट की यह राशि जांच के बाद दोषी साबित होने वाले अधिकारियों से वसूलने के आदेश दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed