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Mandi News: बेमौसमी मटर का कारोबार 50 करोड़ से पार, किसान हुए मालामाल
Mon, 04 Nov 2024 05:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 04 Nov 2024 05:48 AM IST
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खेतों में ही मिल रही 150 रुपये दाम, नाचन और सराज के किसान बने लखपति
क्षेत्र में हर साल बढ़ रहा मटर के खेतों का दायरा, देशभर की मंडियों से भारी मांग
सतीश ठाकुर
गोहर (मंडी)। बेमौसमी मटर के दामों ने इस साल तगड़ा उछाल मारकर किसानों को मालामाल कर दिया है। खेतों में ही किसानों को मटर के 150 रुपये प्रतिकिलो दाम मिल रहे हैं। हर किसान डेढ़ से तीन लाख तक का मटर खेतों से ही व्यापारियों को बेच रहा है। एक गांव में मटर कारोबार का आंकड़ा एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि नाचन और सराज के सैकड़ों गांवों के किसान इस बार मटर से लखपति बन गए हैं।
यहां का मटर खाने में स्वादिष्ट और मीठा होने के कारण देशभर की मंडियों में इसकी भारी मांग है। पांच सितारा होटलों तक क्षेत्र के मटर की महक पहुंच गई है। अब तक अकेले नाचन और सराज घाटी में बेमौसमी मटर का करीब 50 करोड़ रुपये तक का कारोबार हो गया है। मटर के कारोबार का यह आंकड़ा अभी निरंतर बढ़ रहा है। क्षेत्र का मटर बंगलुरू, हैदराबाद, मुंबई जैसे बड़े बड़े शहरों में तहलका मचा रहा है।
किसानों में भोला राम, जीत कुमार, लीला प्रकाश, चेतन, शेर सिंह, उत्तम चंद, राजू, नंद लाल, विजय, कश्मीर, किशोरी लाल, महेंद्र कुमार और हंस राज ने बताया कि उन्हें मटर के उम्दा दाम मिले हैं। अब तक वे लाखों रुपये का मटर बेच चुके हैं।
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उधर, कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डाॅ. मुंशी राम ठाकुर ने बताया कि इस बार मटर के दामों में बढ़ोतरी हुई है। जिससे किसानों को अच्छी आय हुई है। वहीं, नाचन फल सब्जी उत्पादक संघ के उपाध्यक्ष प्रेम ठाकुर ने बताया कि मटर के दाम 100 से 150 रुपये पहुंचने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
बाॅक्स
यहां होती है मटर की पैदावार
मंडी जिला में करसोग, पांगणा, चरखड़ी, कमांद, झूंगी, मशोगल, कुटाहची, रोहांडा, थमाड़ी, घीड़ी, सुक्कीबाईं, सरोआ, खनेबरु, शाह, छवाड्ड, चच्योट, जहल, धगयारा, सलाहर, बगस्याड़, थुनाग, चियूनी, चेत, बागाचनोगी और आसपास के क्षेत्रों में भारी मटर होने से किसान मालामाल हो गए हैं। नाचन सराज में करीब 25 से 30 हजार हेक्टेयर भू भाग में मटर की बिजाई की जाती है। मटर की पैदावार बंपर होने और दाम में अचानक आए उछाल से किसानों का मटर सोने के भाव दे गया है। अगर मौसम ने थोड़ा साथ दिया होता और बारिश होती तो किसानों का मटर कारोबार और ज्यादा होता
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क्षेत्र में हर साल बढ़ रहा मटर के खेतों का दायरा, देशभर की मंडियों से भारी मांग
सतीश ठाकुर
गोहर (मंडी)। बेमौसमी मटर के दामों ने इस साल तगड़ा उछाल मारकर किसानों को मालामाल कर दिया है। खेतों में ही किसानों को मटर के 150 रुपये प्रतिकिलो दाम मिल रहे हैं। हर किसान डेढ़ से तीन लाख तक का मटर खेतों से ही व्यापारियों को बेच रहा है। एक गांव में मटर कारोबार का आंकड़ा एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि नाचन और सराज के सैकड़ों गांवों के किसान इस बार मटर से लखपति बन गए हैं।
यहां का मटर खाने में स्वादिष्ट और मीठा होने के कारण देशभर की मंडियों में इसकी भारी मांग है। पांच सितारा होटलों तक क्षेत्र के मटर की महक पहुंच गई है। अब तक अकेले नाचन और सराज घाटी में बेमौसमी मटर का करीब 50 करोड़ रुपये तक का कारोबार हो गया है। मटर के कारोबार का यह आंकड़ा अभी निरंतर बढ़ रहा है। क्षेत्र का मटर बंगलुरू, हैदराबाद, मुंबई जैसे बड़े बड़े शहरों में तहलका मचा रहा है।
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किसानों में भोला राम, जीत कुमार, लीला प्रकाश, चेतन, शेर सिंह, उत्तम चंद, राजू, नंद लाल, विजय, कश्मीर, किशोरी लाल, महेंद्र कुमार और हंस राज ने बताया कि उन्हें मटर के उम्दा दाम मिले हैं। अब तक वे लाखों रुपये का मटर बेच चुके हैं।
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उधर, कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डाॅ. मुंशी राम ठाकुर ने बताया कि इस बार मटर के दामों में बढ़ोतरी हुई है। जिससे किसानों को अच्छी आय हुई है। वहीं, नाचन फल सब्जी उत्पादक संघ के उपाध्यक्ष प्रेम ठाकुर ने बताया कि मटर के दाम 100 से 150 रुपये पहुंचने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
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यहां होती है मटर की पैदावार
मंडी जिला में करसोग, पांगणा, चरखड़ी, कमांद, झूंगी, मशोगल, कुटाहची, रोहांडा, थमाड़ी, घीड़ी, सुक्कीबाईं, सरोआ, खनेबरु, शाह, छवाड्ड, चच्योट, जहल, धगयारा, सलाहर, बगस्याड़, थुनाग, चियूनी, चेत, बागाचनोगी और आसपास के क्षेत्रों में भारी मटर होने से किसान मालामाल हो गए हैं। नाचन सराज में करीब 25 से 30 हजार हेक्टेयर भू भाग में मटर की बिजाई की जाती है। मटर की पैदावार बंपर होने और दाम में अचानक आए उछाल से किसानों का मटर सोने के भाव दे गया है। अगर मौसम ने थोड़ा साथ दिया होता और बारिश होती तो किसानों का मटर कारोबार और ज्यादा होता