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डेढ़ साल से आईपीएच के नलों में नहीं आ रहा पानी
मंडी
Updated Thu, 29 Dec 2016 10:36 PM IST
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ग्रामीण ने भरी मटमैले पानी की बाल्टी।
- फोटो : अमर उजाला
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करसोग (मंडी)। उपमंडल करसोग की मैहरन पंचायत के ककनों गांव के बाशिंदे डेढ़ साल से स्वच्छ पानी के लिए तरस गए हैं। आईपीएच विभाग से बार-बार आग्रह करने के बाद भी इस समस्या का हल नहीं निकल रहा है। अब ग्रामीणों ने सब डिविजन चुराग कार्यालय के घेराव का फैसला लिया है।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जय कुमार चौहान, किशोरी लाल, ओम प्रकाश, मनमोहन, कृष्ण लाल सहित ककनों के बाशिंदों ने कहा कि पानी की किल्लत से उनकी हालत पतली हो गई है। गांव के लगभग 150 ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। ककनों गांव से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर एक हैंडपंप लगा है जिसमें भी मटमैला पानी निकलता है। लेकिन, ग्रामीणों को अपनी दिनचर्या चलाने के लिए इसी हैंडपंप का पानी पीना पड़ रहा है। मवेशियों को भी हैंडपंप से पानी पिलाया जाता है। ककनों गांव में अगर कोई शादी या अन्य समारोह हो तो लोगों को गाड़ियों में पानी लाना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग के नलों में पानी आए लगभग डेढ़ साल से भी अधिक समय हो गया है।
इनसेट
लोगों ने दी घेराव की चेतावनी
गांव के लोगों ने आईपीएच विभाग के उपमंडल कार्यालय चुराग के अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कहा कि मटमैला पानी पीकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सर्दी के मौसम में विभाग का यह हाल है तो गर्मियों में क्या होगा। इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग के अधिकारी-कर्मचारी समस्या हल करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे। मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के समक्ष इस पानी की समस्या को गुहार लगाएंगे।
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कोट्स
आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता काली दास ने कहा कि ककनों गांव में जो हैंडपंप लगा है जिसका पानी पीने के योग्य नहीं है। यह पानी कपड़े और बर्तन धोने में इस्तेमाल किया जा सकता है। पीने के उपयोग में नहीं। ककनों में बीच-बीच में पानी की सप्लाई दी जाती है।
कोट्स
पानी के स्रोत सूखने से आ रही दिक्कतें
आईपीएच विभाग के अधिशाषी अभियंता एचके संग्राही ने कहा कि ककनों गांव के हैंडपंप की गुणवत्ता को सुधारा जाएगा। बारिश न होने के कारण पानी के स्रोत सूख गए हैं। जिस कारण उपरोक्त गांव में पानी मुहैया नहीं हो रहा है। लोगों की समस्या को जल्द सुलझाया जाएगा।
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भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जय कुमार चौहान, किशोरी लाल, ओम प्रकाश, मनमोहन, कृष्ण लाल सहित ककनों के बाशिंदों ने कहा कि पानी की किल्लत से उनकी हालत पतली हो गई है। गांव के लगभग 150 ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। ककनों गांव से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर एक हैंडपंप लगा है जिसमें भी मटमैला पानी निकलता है। लेकिन, ग्रामीणों को अपनी दिनचर्या चलाने के लिए इसी हैंडपंप का पानी पीना पड़ रहा है। मवेशियों को भी हैंडपंप से पानी पिलाया जाता है। ककनों गांव में अगर कोई शादी या अन्य समारोह हो तो लोगों को गाड़ियों में पानी लाना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग के नलों में पानी आए लगभग डेढ़ साल से भी अधिक समय हो गया है।
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लोगों ने दी घेराव की चेतावनी
गांव के लोगों ने आईपीएच विभाग के उपमंडल कार्यालय चुराग के अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कहा कि मटमैला पानी पीकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सर्दी के मौसम में विभाग का यह हाल है तो गर्मियों में क्या होगा। इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग के अधिकारी-कर्मचारी समस्या हल करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे। मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के समक्ष इस पानी की समस्या को गुहार लगाएंगे।
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आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता काली दास ने कहा कि ककनों गांव में जो हैंडपंप लगा है जिसका पानी पीने के योग्य नहीं है। यह पानी कपड़े और बर्तन धोने में इस्तेमाल किया जा सकता है। पीने के उपयोग में नहीं। ककनों में बीच-बीच में पानी की सप्लाई दी जाती है।
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पानी के स्रोत सूखने से आ रही दिक्कतें
आईपीएच विभाग के अधिशाषी अभियंता एचके संग्राही ने कहा कि ककनों गांव के हैंडपंप की गुणवत्ता को सुधारा जाएगा। बारिश न होने के कारण पानी के स्रोत सूख गए हैं। जिस कारण उपरोक्त गांव में पानी मुहैया नहीं हो रहा है। लोगों की समस्या को जल्द सुलझाया जाएगा।