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Mandi News: नितेश को टाउन हाल में मिली थी बैडमिंटन खेलने की सलाह
Wed, 04 Sep 2024 05:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 04 Sep 2024 05:18 AM IST
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पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता नितेश कुमार पिता विजेंद्र सिंह के साथ। फाइल फोटो
मंडी। पैरा ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले नितेश कुमार का हिमाचल प्रदेश के ‘छोटी काशी’ यानी मंडी जिले से गहरा संबंध रहा है। मंडी के टाउन हॉल में स्थानीय खिलाड़ियों के साथ बैडमिंटन खेलने से नितेश को खेल में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली थी। आईआईटी मंडी में पढ़ाई के दौरान ही नीतेश कुल 13 मेडल जीत चुके थे।
मंडी के खिलाड़ियों ने ही उन्हें बैडमिंटन में कॅरिअर बनाने की सलाह दी। नितेश ने इस मौके को बड़े दांव के रूप में लिया, जिससे उन्होंने देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर शानदार सफलता हासिल की। नितेश कुमार हरियाणा के चरखी दादरी जिले के रहने वाले हैं, लेकिन उन्होंने मंडी में काफी समय बिताया है।
यहां से उन्होंने आईआईटी मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और इसी दौरान उनका बैडमिंटन कॅरिअर भी शुरू हुआ। मंडी का टाउन हॉल विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए बैडमिंटन खेलने का प्रमुख स्थान है, जहां नितेश ने भी कड़ी मेहनत की और अपनी प्रतिभा को निखारा। मंडी के कोच लोकेश और वहां के खिलाड़ियों ने नितेश को पूरा समर्थन और प्रोत्साहन दिया।
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नितेश ने 2017 में बीटेक के तीसरे वर्ष के दौरान आयरलैंड के डबलिन में आयोजित आयरिश पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता। आईआईटी मंडी में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कुल 13 मेडल जीते। दूरभाष पर नितेश के पिता विजेंद्र सिंह ने बताया कि मंडी के टाउन हॉल में आने वाले खिलाड़ी नितेश की प्रतिभा की प्रशंसा करते थे और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने बताया कि वे खुद भी कई बार मंडी आए और नितेश की प्रगति देखी।
आईआईटी मंडी के पूर्व निदेशक टीमोथी ए. गोंजाल्विस ने नितेश की इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि आईआईटी मंडी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र नितेश कुमार ने पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि नितेश को पैरालिंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले आईआईटी स्नातक के रूप में स्थापित करती है।
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मंडी के खिलाड़ियों ने ही उन्हें बैडमिंटन में कॅरिअर बनाने की सलाह दी। नितेश ने इस मौके को बड़े दांव के रूप में लिया, जिससे उन्होंने देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर शानदार सफलता हासिल की। नितेश कुमार हरियाणा के चरखी दादरी जिले के रहने वाले हैं, लेकिन उन्होंने मंडी में काफी समय बिताया है।
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यहां से उन्होंने आईआईटी मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और इसी दौरान उनका बैडमिंटन कॅरिअर भी शुरू हुआ। मंडी का टाउन हॉल विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए बैडमिंटन खेलने का प्रमुख स्थान है, जहां नितेश ने भी कड़ी मेहनत की और अपनी प्रतिभा को निखारा। मंडी के कोच लोकेश और वहां के खिलाड़ियों ने नितेश को पूरा समर्थन और प्रोत्साहन दिया।
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नितेश ने 2017 में बीटेक के तीसरे वर्ष के दौरान आयरलैंड के डबलिन में आयोजित आयरिश पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता। आईआईटी मंडी में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कुल 13 मेडल जीते। दूरभाष पर नितेश के पिता विजेंद्र सिंह ने बताया कि मंडी के टाउन हॉल में आने वाले खिलाड़ी नितेश की प्रतिभा की प्रशंसा करते थे और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने बताया कि वे खुद भी कई बार मंडी आए और नितेश की प्रगति देखी।
आईआईटी मंडी के पूर्व निदेशक टीमोथी ए. गोंजाल्विस ने नितेश की इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि आईआईटी मंडी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र नितेश कुमार ने पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि नितेश को पैरालिंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले आईआईटी स्नातक के रूप में स्थापित करती है।