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Mandi News: एनएच पर जल भराव होते ही हरकत में आया एनएचएआई
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मंडी पठानकोट हाइवे पर चौंतड़ा के समीप बंद पड़ी नालियों को बहाल करने में लगी जेसीबी मशीन। स्त्रोत-
घट्टा से कोटरोपी तक मशीनरी 24 घंटे रहेगी तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मानसून को देखते हुए एनएचएआई मंडी–पठानकोट सड़क पर जलभराव और भूस्खलन से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। घट्टा से कोटरोपी तक मशीनरी तैनात की गई है और प्रशासनिक अमला 24 घंटे मुस्तैद रहेगा। भूस्खलन की स्थिति में एनएचएआई टीमें तुरंत कार्रवाई करेंगी और बड़े मलबे को हटाने के लिए 15–20 मिनट का लक्ष्य रखा गया है। पेड़ गिरने की स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक कटर भी उपलब्ध हैं। घट्टा से चौंतड़ा और जोगिंद्रनगर तक बंद नालियों की सफाई मशीनों से की गई है। नागचला, गुम्मा और छांणग में मानसून कार्यों और सुरक्षा डंगों की समीक्षा भी की गई। सुकाबाग और डकबगड़ा के पास बंद कलवर्ट व नालियां जेसीबी से खोलकर बहाल की जा रही हैं।
मानसून में भारी बारिश और भूस्खलन से हाईवे पर बार-बार यातायात बाधित होता है, जिसे देखते हुए 5–10 किमी के अंतराल पर जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। एनएचएआई के साइट इंजीनियर अंकित के अनुसार पूरी टीम राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मानसून को देखते हुए एनएचएआई मंडी–पठानकोट सड़क पर जलभराव और भूस्खलन से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। घट्टा से कोटरोपी तक मशीनरी तैनात की गई है और प्रशासनिक अमला 24 घंटे मुस्तैद रहेगा। भूस्खलन की स्थिति में एनएचएआई टीमें तुरंत कार्रवाई करेंगी और बड़े मलबे को हटाने के लिए 15–20 मिनट का लक्ष्य रखा गया है। पेड़ गिरने की स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक कटर भी उपलब्ध हैं। घट्टा से चौंतड़ा और जोगिंद्रनगर तक बंद नालियों की सफाई मशीनों से की गई है। नागचला, गुम्मा और छांणग में मानसून कार्यों और सुरक्षा डंगों की समीक्षा भी की गई। सुकाबाग और डकबगड़ा के पास बंद कलवर्ट व नालियां जेसीबी से खोलकर बहाल की जा रही हैं।
मानसून में भारी बारिश और भूस्खलन से हाईवे पर बार-बार यातायात बाधित होता है, जिसे देखते हुए 5–10 किमी के अंतराल पर जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। एनएचएआई के साइट इंजीनियर अंकित के अनुसार पूरी टीम राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार है।
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