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Mandi News: सुंदरनगर अस्पताल में नवजात ने तोड़ा दम, इलाज में लापरवाही के आरोप
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परिजनों ने 1100 हेल्पलाइन पर दर्ज करवाई शिकायत
फोटोथैरेपी वार्ड में दाखिल थी पीलिया से पीड़ित नवजात, नियमित निगरानी न करने के आरोप
शिकायत मिलने पर मामले की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई होगी : डॉ. चमन सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सिविल अस्पताल सुंदरनगर में उपचार के दौरान 8 दिन की नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने रात्रि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज कराई है।
पुराना बाजार निवासी वरुण कुमार ने बताया कि उनकी नवजात बेटी को पीलिया होने पर 11 अप्रैल को दोपहर करीब 3:30 बजे अस्पताल के फोटोथैरेपी वार्ड में भर्ती कराया गया था। बच्ची को ड्रिप लगाकर विशेष निगरानी में रखा गया था।
परिजनों का आरोप है कि वार्ड में प्रवेश केवल माताओं तक सीमित था, जबकि अन्य परिजनों को बाहर बैठने के निर्देश दिए गए थे। उनका कहना है कि फोटोथैरेपी वार्ड का तापमान भी संतुलित नहीं था, जिससे वहां भर्ती नवजात ठंड से कांप रहे थे। परिजनों के अनुरोध पर नर्सिंग स्टाफ ने दूसरे कमरे से ब्लोअर की व्यवस्था की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरी रात ड्यूटी स्टाफ ने वार्ड का नियमित निरीक्षण नहीं किया। इस दौरान बच्ची ने दो बार अपनी ड्रिप निकाल दी, जिसकी सूचना बाहर से देखकर परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ को दी, तब जाकर उसे ठीक किया गया। वरुण कुमार का कहना है कि वह बाहर से लगातार अपनी बच्ची पर नजर बनाए हुए थे, लेकिन वार्ड के भीतर स्टाफ की ओर से सक्रिय निगरानी नहीं हो रही थी। उनका आरोप है कि काफी देर बाद जब रात्रि ड्यूटी स्टाफ वार्ड में पहुंचा और जांच की गई, तब बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब फोटोथैरेपी वार्ड में परिजनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, तो वहां भर्ती नवजातों की सुरक्षा और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन और स्टाफ की होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर देखभाल और उचित निगरानी न होने के कारण ही उनकी बच्ची की जान गई। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. चमन सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर मामले की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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फोटोथैरेपी वार्ड में दाखिल थी पीलिया से पीड़ित नवजात, नियमित निगरानी न करने के आरोप
शिकायत मिलने पर मामले की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई होगी : डॉ. चमन सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सिविल अस्पताल सुंदरनगर में उपचार के दौरान 8 दिन की नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने रात्रि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज कराई है।
पुराना बाजार निवासी वरुण कुमार ने बताया कि उनकी नवजात बेटी को पीलिया होने पर 11 अप्रैल को दोपहर करीब 3:30 बजे अस्पताल के फोटोथैरेपी वार्ड में भर्ती कराया गया था। बच्ची को ड्रिप लगाकर विशेष निगरानी में रखा गया था।
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परिजनों का आरोप है कि वार्ड में प्रवेश केवल माताओं तक सीमित था, जबकि अन्य परिजनों को बाहर बैठने के निर्देश दिए गए थे। उनका कहना है कि फोटोथैरेपी वार्ड का तापमान भी संतुलित नहीं था, जिससे वहां भर्ती नवजात ठंड से कांप रहे थे। परिजनों के अनुरोध पर नर्सिंग स्टाफ ने दूसरे कमरे से ब्लोअर की व्यवस्था की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरी रात ड्यूटी स्टाफ ने वार्ड का नियमित निरीक्षण नहीं किया। इस दौरान बच्ची ने दो बार अपनी ड्रिप निकाल दी, जिसकी सूचना बाहर से देखकर परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ को दी, तब जाकर उसे ठीक किया गया। वरुण कुमार का कहना है कि वह बाहर से लगातार अपनी बच्ची पर नजर बनाए हुए थे, लेकिन वार्ड के भीतर स्टाफ की ओर से सक्रिय निगरानी नहीं हो रही थी। उनका आरोप है कि काफी देर बाद जब रात्रि ड्यूटी स्टाफ वार्ड में पहुंचा और जांच की गई, तब बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब फोटोथैरेपी वार्ड में परिजनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, तो वहां भर्ती नवजातों की सुरक्षा और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन और स्टाफ की होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर देखभाल और उचित निगरानी न होने के कारण ही उनकी बच्ची की जान गई। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. चमन सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर मामले की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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