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मोटर व्हीकल एग्रीगेटर से होगा नुकसान : महेंद्र
Mon, 22 Apr 2024 07:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 22 Apr 2024 07:49 AM IST
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मंडी। मंडी जिला टैक्सी एकता संगठन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन-2024 से टैक्सी ऑपरेटरों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा। संगठन के प्रधान महेंद्र गुलेरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुआ।
चर्चा के दौरान ऑपरेटरों ने आशंका जताई कि यह गाइडलाइन लगभग ओला, उबर एप चलाने वाली कंपनी की तरह काम करेगा। जिला मंडी की तमाम टैक्सी ऑपरेटर यूनियन ओला, उबर और बला-बला का पहले ही विरोध करते आ रहे हैं। क्योंकि इन एप्स के किराये पर टैक्सी चलाना संभव नहीं है। हिमाचल में टैक्सी के टैक्स और अन्य खर्चे प्रदेश में इतने ज्यादा हैं कि इसमें इसे चलाना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि टैक्सी यूनियनें अपने स्तर पर एप बनाती हैं तो केंद्र सरकार ने इसकी भारी भरकम फीस रख दी है। इसके लिए दूसरी एप कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी। यूनियनों ने मांग की है कि इस तरह का कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले संगठन के साथ चर्चा की जाए और फिर नई नीति बनाई जाए।
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टैक्सी संगठनों के साथ इसे लेकर वार्ता करना जरूरी है। यूनियन इसके लिए सभी टैक्सी यूनियनों से आग्रह किया है कि वह इसे लेकर विचार-विमर्श करके कोई निर्णय पर पहुंचे। इस बैठक में प्रधान महेंद्र गुलेरिया के अलावा सचिव जीत सिंह, चेयरमैन सुनील वरवाल, भूपेश ठाकुर , मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
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चर्चा के दौरान ऑपरेटरों ने आशंका जताई कि यह गाइडलाइन लगभग ओला, उबर एप चलाने वाली कंपनी की तरह काम करेगा। जिला मंडी की तमाम टैक्सी ऑपरेटर यूनियन ओला, उबर और बला-बला का पहले ही विरोध करते आ रहे हैं। क्योंकि इन एप्स के किराये पर टैक्सी चलाना संभव नहीं है। हिमाचल में टैक्सी के टैक्स और अन्य खर्चे प्रदेश में इतने ज्यादा हैं कि इसमें इसे चलाना संभव नहीं है।
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उन्होंने कहा कि यदि टैक्सी यूनियनें अपने स्तर पर एप बनाती हैं तो केंद्र सरकार ने इसकी भारी भरकम फीस रख दी है। इसके लिए दूसरी एप कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी। यूनियनों ने मांग की है कि इस तरह का कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले संगठन के साथ चर्चा की जाए और फिर नई नीति बनाई जाए।
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टैक्सी संगठनों के साथ इसे लेकर वार्ता करना जरूरी है। यूनियन इसके लिए सभी टैक्सी यूनियनों से आग्रह किया है कि वह इसे लेकर विचार-विमर्श करके कोई निर्णय पर पहुंचे। इस बैठक में प्रधान महेंद्र गुलेरिया के अलावा सचिव जीत सिंह, चेयरमैन सुनील वरवाल, भूपेश ठाकुर , मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा आदि भी मौजूद रहे।