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अधिकतर प्रभावितों को नहीं मिला मुआवजा : शाद
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मंडी में तारा चंद भवन में माकपा की जिला कमेटी की आयोजित बैठक में मौजूद पदा्धिकारी। स्रोत संगठ
मंडी। माकपा की जिला कमेटी की बैठक वीरवार को मंडी में राज्य सचिवालय सदस्य ओंकार शाद की उपस्थिति में हुई। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून सीजन में प्रदेश के अनेक भागों में बादल फटने, भारी बारिश, बाढ़, जमीन धंसने और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित मंडी जिला ही रहा है।
राज्य सरकार की ओर से विशेष राहत पैकेज की घोषणा तो की गई, लेकिन अधिकतर प्रभावितों को अभी भी मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। कुछ लोगों को ही फौरी राहत के रूप में सहायता प्राप्त हुई है। इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने तथा 5 हजार करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है। इसके साथ ही आपदा प्रभावित लोगों को जमीन के बदले जमीन देने के लिए वन संरक्षण कानून 1980 में संशोधन करने की मांग की है।
एनएचएआई की ओर से किए जा रहे फोरलेन के निर्माण से हर जगह बहुत नुकसान हो रहा है। निर्माण कार्य में लगी कंपनियां बेतरतीब खुदाई और घटिया काम कर रही हैं, जिससे लोगों के घरों और जमीनों को नुकसान हो रहा है। राज्य सरकार भी मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों का अनुसरण कर रही है। दलितों और समाज के कमजोर तबकों के खिलाफ आक्रमण बढ़ रहे हैं तथा उनका उत्पीड़न और भेदभाव बढ़ रहा है। माकपा जनता को लामबंद कर जनविरोधी नीतियों, दलित उत्पीड़न के खिलाफ तथा मजदूरों, किसानों के मुद्दों पर संघर्ष तेज करेगी। संवाद
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राज्य सरकार की ओर से विशेष राहत पैकेज की घोषणा तो की गई, लेकिन अधिकतर प्रभावितों को अभी भी मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। कुछ लोगों को ही फौरी राहत के रूप में सहायता प्राप्त हुई है। इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने तथा 5 हजार करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है। इसके साथ ही आपदा प्रभावित लोगों को जमीन के बदले जमीन देने के लिए वन संरक्षण कानून 1980 में संशोधन करने की मांग की है।
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एनएचएआई की ओर से किए जा रहे फोरलेन के निर्माण से हर जगह बहुत नुकसान हो रहा है। निर्माण कार्य में लगी कंपनियां बेतरतीब खुदाई और घटिया काम कर रही हैं, जिससे लोगों के घरों और जमीनों को नुकसान हो रहा है। राज्य सरकार भी मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों का अनुसरण कर रही है। दलितों और समाज के कमजोर तबकों के खिलाफ आक्रमण बढ़ रहे हैं तथा उनका उत्पीड़न और भेदभाव बढ़ रहा है। माकपा जनता को लामबंद कर जनविरोधी नीतियों, दलित उत्पीड़न के खिलाफ तथा मजदूरों, किसानों के मुद्दों पर संघर्ष तेज करेगी। संवाद
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