{"_id":"67ae3b5406dca616cc0962a7","slug":"mining-business-was-running-under-the-supervision-of-the-attacking-accused-mandi-news-c-399-1-sml1012-262404-2025-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: दो साल के भीतर 16 हजार लोगों से करवाया था 210 करोड़ का निवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: दो साल के भीतर 16 हजार लोगों से करवाया था 210 करोड़ का निवेश
विज्ञापन
मंडी जिला के नागचला में क्यूएफएक्स कंपनी का कार्यालय। जिसे पुलिस ने सील किया था। फाइल फोटो
मंडी। हाई रिटर्न के नाम पर क्यूएफएक्स कंपनी ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करीब 16 हजार लोगों से दो साल में 210 करोड़ रुपये निवेश करवाया था।
निवेशकों को रिझाने के लिए बाकायदा स्टांप पेपर पर लिखकर दावा किया गया था। इस पूरे खेल में करीब 70 करोड़ ठगी होने का अनुमान है। जबकि कुछ मामलों में रिटर्न दिया जा चुका है। वर्ष 2023 में उजागर हुए इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें छह जमानत पर हैं।
एक महिला सलाखों के पीछे है। अधिकतर आरोपी मंडी जिला के ही रहने वाले थे। मामले से जुड़ा जोगिंद्रनगर निवासी राजेंद्र सूद अभी फरार चल रहा है। करीब दो साल तक ठगी का खेल चलता रहा। कंपनी का नेटवर्क चंडीगढ़ के अलावा देश के चार राज्यों में फैला था।
नेरचौक के एक व्यक्ति के 25 लाख रुपये निवेश करने पर रिटर्न न मिलने की सूरत पर मामला पुलिस तक पहुंचा था। हालांकि शातिर रिटर्न के बजाय दूसरे राज्यों में फ्लैट, बाइक समेत अन्य चीजों का लालच दे रहे थे। पुलिस जांच शुरू हुई तो धड़ाधड़ परतें खुलना शुरू हुईं और मामला 210 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा।
विज्ञापन
ठगी करने वाले शातिर बेहद योजनाबद्ध तरीके से यह काला कारोबार चला रहे थे। 70 हजार रुपये से अधिक के निवेश पर स्टांप पेपर पर लिखकर हाई रिटर्न गारंटी का वादा निवेशकों से किया जाता था। इसी चक्कर में हर कोई यहां निवेश करने खुद ही पहुंच जाता था। इस कंपनी का मुख्य कार्यालय जीरकपुर में था।
इसकी ब्रांच नागचला में खोली गई थी। इन दोनों को ही मंडी पुलिस ने सील करवाया था।उधर, डीआईजी मध्य जोन सौम्या सांबशिवन ने बताया कि क्यूएफएक्स कंपनी फाॅरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर काम कर रही थी। वह इसके लिए अधिकृत नहीं थी। इस पर मंडी पुलिस की तरफ से नियमानुसार जांच की गई और कार्रवाई अमल पर लाई गई थी।
काली कमाई से खरीदे वाहन हुए थे जब्त
ठगी की काली कमाई से खरीदे गए पांच वाहनों को पुलिस ने जब्त किया था। जब्त किए गए वाहनों में तीन लग्जरी वाहन हैं। जबकि एक बुलेट और एक स्कूटी भी थी। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के फ्लैट समेत अन्य ढाई लाख रुपये तक निवेश करने पर दुबई का दौरा मिलता था। विदेश जाने में 100 से 500 लोग शामिल रहते थे। दुबई में निवेशकों को कंपनी की ताकत की दिखाई जाती थी।
मंडी पुलिस की जांच बनी आधार
क्यूएफएक्स के तार वाईएफएक्स के साथ जुड़े थे। इसे यूपी के शामली निवासी लविश चलाता था। लविश से अलग होने के बाद ही क्यूएफएक्स की स्थिति बिगड़ी और मामला उजागर हो गया। मंडी पुलिस की जांच के बाद मामला ईडी तक पहुंचा। इसी जांच के सहारे ईडी लविश उर्फ नवाब तक पहुंची।
विज्ञापन
निवेशकों को रिझाने के लिए बाकायदा स्टांप पेपर पर लिखकर दावा किया गया था। इस पूरे खेल में करीब 70 करोड़ ठगी होने का अनुमान है। जबकि कुछ मामलों में रिटर्न दिया जा चुका है। वर्ष 2023 में उजागर हुए इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें छह जमानत पर हैं।
एक महिला सलाखों के पीछे है। अधिकतर आरोपी मंडी जिला के ही रहने वाले थे। मामले से जुड़ा जोगिंद्रनगर निवासी राजेंद्र सूद अभी फरार चल रहा है। करीब दो साल तक ठगी का खेल चलता रहा। कंपनी का नेटवर्क चंडीगढ़ के अलावा देश के चार राज्यों में फैला था।
विज्ञापन
नेरचौक के एक व्यक्ति के 25 लाख रुपये निवेश करने पर रिटर्न न मिलने की सूरत पर मामला पुलिस तक पहुंचा था। हालांकि शातिर रिटर्न के बजाय दूसरे राज्यों में फ्लैट, बाइक समेत अन्य चीजों का लालच दे रहे थे। पुलिस जांच शुरू हुई तो धड़ाधड़ परतें खुलना शुरू हुईं और मामला 210 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा।
विज्ञापन
ठगी करने वाले शातिर बेहद योजनाबद्ध तरीके से यह काला कारोबार चला रहे थे। 70 हजार रुपये से अधिक के निवेश पर स्टांप पेपर पर लिखकर हाई रिटर्न गारंटी का वादा निवेशकों से किया जाता था। इसी चक्कर में हर कोई यहां निवेश करने खुद ही पहुंच जाता था। इस कंपनी का मुख्य कार्यालय जीरकपुर में था।
इसकी ब्रांच नागचला में खोली गई थी। इन दोनों को ही मंडी पुलिस ने सील करवाया था।उधर, डीआईजी मध्य जोन सौम्या सांबशिवन ने बताया कि क्यूएफएक्स कंपनी फाॅरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर काम कर रही थी। वह इसके लिए अधिकृत नहीं थी। इस पर मंडी पुलिस की तरफ से नियमानुसार जांच की गई और कार्रवाई अमल पर लाई गई थी।
काली कमाई से खरीदे वाहन हुए थे जब्त
ठगी की काली कमाई से खरीदे गए पांच वाहनों को पुलिस ने जब्त किया था। जब्त किए गए वाहनों में तीन लग्जरी वाहन हैं। जबकि एक बुलेट और एक स्कूटी भी थी। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के फ्लैट समेत अन्य ढाई लाख रुपये तक निवेश करने पर दुबई का दौरा मिलता था। विदेश जाने में 100 से 500 लोग शामिल रहते थे। दुबई में निवेशकों को कंपनी की ताकत की दिखाई जाती थी।
मंडी पुलिस की जांच बनी आधार
क्यूएफएक्स के तार वाईएफएक्स के साथ जुड़े थे। इसे यूपी के शामली निवासी लविश चलाता था। लविश से अलग होने के बाद ही क्यूएफएक्स की स्थिति बिगड़ी और मामला उजागर हो गया। मंडी पुलिस की जांच के बाद मामला ईडी तक पहुंचा। इसी जांच के सहारे ईडी लविश उर्फ नवाब तक पहुंची।