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सोने के नये रथ में विराजमान हुई माता मनसा

Sat, 12 Feb 2022 11:06 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 11:06 PM IST
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Mata Mansa was seated in a new chariot of gold
मंडी के तहत बालीचौकी के खमराधा की मां मनसा देवी नये रथ में विराजमान होने पर सरोवर में प्राण प्रति? - फोटो : Mandi
मंडी। बालीचौकी के तहत मुहलू और खमराधा गांव में विराजमान माता मनसा इस बार सोने के नए रथ के साथ शिवरात्रि महोत्सव में एक मार्च को शिरकत करेंगी।
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माता प्राचीन समय से शिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करती आई हैं। इस बार खास सजधज कर मां अष्ट धातु और 7 सोने के मोहरे में प्राण प्रतिष्ठा करके रथ में विराजमान होकर मेले की शोभा बढ़ाएंगी। माता 150 देवलुओं के साथ शिवरात्रि में एक मार्च को लावलश्कर के साथ पहुंचेगी। मां का देवलु संग जगन्नाथ मंदिर पड्डल में रात्रि ठहराव रहेगा। मंडी से 50 किमी दूर माता मनसा का पंजाई में दो गांवों में स्थान है।
उनके खमराधा में कोठी और मुहलू में मंदिर हैं। मां का मंदिर थलौट से दस किमी दूरी पर पड़ता है। माता का मंदिर प्राचीन है। यहां माता का सरोवर भी है। इससे चरम रोग दूर होते हैं। इसके लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। इसके देवता दैत का मंदिर भी है। इसकी छड़ हर समय माता के साथ रहती है। मंदिर में साल के एक बार सभी ग्रामीणों के बच्चों के मुंडन संस्कार होते हैं। माता के प्राचीन इतिहास की किसी को पूरी जानकारी नहीं है। अप्रैल में खमरादा में भव्य मेले का आयोजन होता है। इसमें हजारों श्रद्धालु शिरकत कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। समय के साथ साथ माता का रथ भी नये रूप मेें तैयार किया गया है। इसके साथ माता का पिढू भी विशेष लकड़ी नया बनाया गया है। इसे देखते ही हर भक्त रोमांचित होकर आज मां का आशीर्वाद ले रहा है।
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माता के कारदार रोशन लाल ने बताया कि 11 फरवरी को माता के नये मोहरे रथ में चढ़ाये गये हैं। उनकी प्राण प्रतिष्ठा करके सरोवर में स्नान के बाद माता नये रथ में विराजमान हो गई हैं। माता एक मार्च को मंडी शिवरात्रि में 150 देवलुओं के साथ शिरकत करेंगी। माता का माध्व राज छड़ द्वारा स्वागत किया जाता है। उसके बाद माता राज देवता माध्व राज बेहड़े में पहुंचकर राज देवता से भव्य मिलन होता है।
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